'परियोजना पूर्ण, लेकिन संचालन का अभाव दे रहा गलत संदेश'
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के 14 कार्यों को लेकर महापौर उमेश गौतम ने भी मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल को पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से चलाई गई स्मार्ट सिटी योजना में बरेली शामिल हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशन में शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की परियोजनाओं पर काम किया गया। परियोजनाएं पूर्ण होने के बाद भी संचालन नहीं किया जा रहा। परियोजनाएं या तो बंद है या फिर टेंडर के झूले में झूल रही हैं। संचालन के अभाव से जनमानस में परियोजनाओं के प्रति गलत संदेश जा रहा है।
स्मार्ट सिटी के इन 14 प्रोजेक्ट का संचालन नहीं हो सका
महापौर की ओर से भेजी गई सूची के मुताबिक पटेल चौक पर स्काई वॉक, मालगोदाम रोड पर तांगा स्टैंड, कामर्शियल कॉम्प्लैक्स, गांधी उद्यान फाउंटेन, संजय कम्यूनिटी सेंटर का एसटीपी प्लांट, डीडी पुरम में फूड पार्क, रायफल क्लब, स्मार्ट कियोस्क, स्मार्ट टायलेट, अर्बन हॉट, मल्टी लेवल पार्किंग, जीआईसी ऑडिटोरियम, शी लॉज, आर्गेनिक वेस्ट कम्पोस्टर, वूमेन हेल्प डेस्क आदि का संचालन नहीं हो पा रहा है।
व्यवस्थाओं सुधारने में ही लग जाएगा लगभग छह माह का समय
नए नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य को नगर निगम की व्यवस्थाओं को ठीक करने में ही लगभग छह माह का समय लग जाएगा। इसमें सरकारी फाइलें गायब होने का मामला, ठेकेदारों का भुगतान, निर्माण विभाग में रस्सा कशी, विभागाध्यक्षों की ओर से नगर आयुक्त के आदेशों की अवमानना, अधूरे पड़े दो सौ विकास कार्य, अधिकारियों पर कंट्रोल खो चुका नगर आयुक्त का वर्चस्व वापस बनाने के साथ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के संचालन का काम समझने में और ट्रैक पर लाने में समय लगेगा।