कमिश्नर ने सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर से की बात, मार्च तक काम पूरा होने की उम्मीद
बरेली। हुलासनगरा क्रॉसिंग पर बने पिलर की मजबूती परखने के बाद गार्डर रखने का काम शुरू किया जाएगा। कमिश्नर ने सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर से बात करके आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों को बुलाकर जल्दी ही पिलर की जांच कराने को कहा है। उम्मीद है कि मार्च के अंत तक क्रॉसिंग पर गार्डर रखकर ओवरब्रिज का काम पूरा हो जाएगा।
दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर फ तेहगंज पूर्वी के पास हुलासनगरा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण का काम मार्च तक पूरा हो जाएगा। मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने बताया कि क्रॉसिंग पर करीब तीन साल पहले बने पिलर की मजबूती जांचने के लिए आईआईटी रुड़की से विशेषज्ञों की टीम आएगी। इसके बाद यहां गार्डर रखे जाएंगे। यह काम मार्च के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही यहां रोज-रोज लगने वाले जाम से भी छुटकारा मिल जाएगा। नेशनल हाईवे पर हुलासनगरा क्रॉसिंग पर रोजाना जाम लगना आम बात हो गई है, जिसमें फंसकर लोगों को घंटों परेशान होना पड़ता है। मंडलायुक्त ने बताया कि क्रॉसिंग पर गार्डर रखने का काम किया जाना है।
पहले सीतापुर फ ोरलेन प्रोजेक्ट में शामिल था ओवरब्रिज निर्माण
पूर्व में हुलासनगरा क्रॉसिंग का ओवरब्रिज 2200 करोड़ से बनने वाले बरेली-सीतापुर फ ोरलेन प्रोजेक्ट में शामिल था। मगर इस प्रोजेक्ट कार्यदायी संस्था इरा इंफ्र ास्ट्रक्चर बीच में ही काम छोड़कर भाग गई और ओवरब्रिज का निर्माण अटक गया। पिछले साल जुलाई में मंडलायुक्त की पैरवी के बाद एनएचएआई ने हुलासनगरा क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को भेजा था। मंत्रालय ने 45.25 करोड़ की लागत से 1000 मीटर लंबे इस ओवरब्रिज को बनाने की अनुमति दे दी। इसके बाद एनएचएआई ने टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद यहां काम कराना शुरू किया था। अब इस ओवरब्रिज के जल्द पूरा होने की उम्मीद है।