आरोपी की संपत्ति की जांच भी शुरू
तहसील प्रशासन की टीम सैंजनी गांव में आरोपी अजय प्रताप सिंह, उसके ताऊ व अन्य परिजनों की जमीन, मकान, दुकान व घर आदि सबकी जांच कर रही है। अभी तक की जांच में ग्राम समाज की भूमि पर दुकानें बनना, सरकारी भूमि पर कब्जा कर जबरन खेती करने समेत कई बिंदु सामने आ चुके है। इसके साथ ही आरोपी व उसके परिवार की संपत्ति की भी जांच शुरू कर दी गई है। इस संपत्ति में इस्तेमाल रकम कहां से लाई गई, इसकी जांच होगी।
अवैध बाजार से हर माह हो रही थी तीन लाख की कमाई
आरोपी के परिवारीजन गांव के पास ही सरकारी भूमि पर अवैध तरीके से सप्ताह में दो दिन बाजार लगवाकर वहां के व्यापारियों से तहबाजारी वसूलते थे। इस मामले में कार्रवाई करते हुए एसडीएम ने बाजार बंद करवाने के साथ ही पैमाइश के बाद उस भूमि को कब्जे में ले लिया है। सूत्र बताते है कि इस तहबाजारी से हर माह करीब तीन लाख की कमाई हो रही थी। लेकिन अधिकारिक तौर पर इन बातों की पुष्टि नहीं की जा रही है।
आरोपी के ताऊ ने यात्री शेड तुड़वाकर भी बनवाई थीं दुकानें
आरोपी अजय प्रताप व उसके परिवार का इतना रौब था कि गांव के बाहर सड़क किनारे बने यात्री शेड को तोड़कर भी इन लोगों ने दुकानों का निर्माण करवा लिया था। अब जब तहसील की टीमों ने जांच तेज की है तो हर दिन परत दर परत नया खुलासा हो रहा है। हालांकि इस परिवार का जहां भी अवैध कब्जा मिल रहा है, उस मामले में कार्रवाई हो रही है।
सैंजनी गांव में म्याऊ रोड पर यात्री टिन शेड बनाया गया था। गांव के कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दोहरे हत्याकांड के आरोपी अजय प्रताप सिंह के परिवार ने इस यात्री शेड को तोड़कर वहां दुकानें बनवा ली थीं। इसके अलावा आसपास की ग्राम समाज की भूमि पर भी इन लोगों ने कब्जा कर रखा है जो अब तहसील प्रशासन की जांच में सामने आ रहा है।
आरोपी अजय की पत्नी व भाभी को सरकारी आवास की होगी जांच
हत्यारोपी अजय प्रताप सिंह की पत्नी अर्चना और उसकी भाभी रेनू को पीएम आवास ग्रामीण योजना का लाभ दिए जाने की मामले की जांच की जाएगी। इसके लिए जिला स्तरीय टीम की गठित की गई है। जांच के बाद आरोपी के परिजनों से रुपयों की रिकवरी के साथ इस मामले में दोषी जिम्मेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।