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कोरोना के हजारों सैंपल जूतों से कुचलने के लिए सीएमएस दोषी

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बरेली। कोरोना की दूसरी लहर धीमी पड़ने के बाद हजारों सैंपल को जूतों से कुचलकर फिंकवा देने के मामले की जांच में तीन सौ बेड कोविड चिकित्सालय के प्रभारी सीएमएस डॉ. सतीश चंद्रा को दोषी पाया गया है। मामले की जांच कर रहे एडीएम सिटी डॉ. आरडी पांडेय ने बताया कि जल्द ही कार्रवाई की संस्तुति के साथ जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी जाएगी।
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पिछले साल करीब कोरोना के करीब दस हजार संदिग्ध मरीजों की आरटीपीसीआर जांच को लिए गए सैंपल लैब भेजने के बजाय जिम्मेदारों ने तीन सौ बेड कोविड चिकित्सालय के एक कमरे में बंद करा दिए थे। 17 नवंबर को इसका वीडियो वायरल होने के बाद सीएमओ ने जांच के योग्य सैंपलों को लैब भिजवाकर बाकी सभी सैंपल नष्ट करने का निर्देश दिया था। करीब हफ्ते भर बाद 25 नवंबर को फिर एक कमरे में बड़ी तादाद में कोरोना जांच के लिए लिए गए सैंपल बंद मिले थे। ये सैंपल तीन महीने से भी ज्यादा पुराने थे।
इसके बाद कोविड चिकित्सालय के अधिकारियों पर सवाल उठे तो कुछ दिन बाद सारे सैंपलों को अस्पताल में जूतों से कुचलकर एक बोरी में भरवा दिया गया और उसे कूड़ागाड़ी में भरवाकर ठिकाने लगा दिया गया। अफसरों और स्टाफ के इस कृत्य का भी वीडियो वायरल हो गया। इसमें चिकित्सालय के प्रभारी सीएमएस डॉ. सतीश चंद्रा और एक लैब टेकभनीशियन साफ नजर आ रहे थे। हालांकि बाकी लोगों के सिर्फ पैर दिख रहे थे। तत्कालीन डीएम ने एडीएम सिटी डॉ. आरडी पांडेय को इस मामले की जांच सौंपी थी।
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सीएमएस भी आंशिक दोषी, बाकी सभी बरी
एडीएम सिटी डॉ. आरडी पांडेय के मुताबिक सैंपलों को जूतों से कुचलने की घटना कोविड चिकित्सालय में ही हुई थी। वीडियो भी स्वास्थ्य विभाग के ही किसी चिकित्सक या कर्मचारी ने बनाया था। सैंपलों को जूतों से कुचलते हुए खुद प्रभारी सीएमएस डॉ. सतीश दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने उच्चाधिकारियों के आदेश पर बॉयल कुचलकर तोड़ने की बात स्वीकारी भी लेकिन उच्चाधिकारियों ने ऐसा कोई निर्देश जारी करने से साफ इनकार किया है। वीडियो किसने बनाया, इस पर भी किसी ने चुप्पी नहीं तोड़ी। कर्मचारियों ने प्रभारी सीएमएस के निर्देश पर सैंपल नष्ट करने का बयान दिया। इस आधार पर डॉ. सतीश चंद्रा को ही दोषी माना गया है। हालांकि इस घटना में कई लोगों की संलिप्तता थी लिहाजा प्रभारी सीएमएस को भी आंशिक दोषी माना गया है। रिपोर्ट के आधार पर डीएम कार्रवाई का निर्णय लेंगे।
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