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झोलाछापों को रजिस्ट्रेशन कर बना दिया डॉक्टर, शासन ने जांच का आदेश दिया

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बदायूं। एक ओर शासन झोलाछापों पर अंकुश के लिए लगातार कार्रवाई कर रहा है वहीं दूसरी ओर जिले में झोलाछापों को चिकित्सा व्यवसाय की खुली छूट देने के लिए गलत तरीके से उनके पंजीकरण किए जा रहे हैं। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी के स्तर से गलत तरीके से चिकित्सा व्यवसाय के पंजीकरण के मामले में शासन स्तर से जांच का आदेश दिया गया है। रजिस्ट्रार आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी तिब्बती चिकित्सा पद्धति बोर्ड डॉ. अखिलेश कुमार वर्मा ने एसआरएम राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय बरेली के प्राचार्य प्रोफेसर डीके मौर्य को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
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पिछले दिनों डीएम के निर्देश पर जिले में झोलाछापों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया था। अलग-अलग थानों में करीब 300 झोलाछाप के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई। इससे अवैध तरीके से चिकित्सा व्यवसाय करने वाले झोलाछापों में हड़कंप मच गया। इसके बाद क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी बदायूं डॉ. दीपक तोमर के स्तर से कई झोलाछाप के रजिस्ट्रेशन कर लिए गए। इस मामले में शिकायत शासन स्तर तक पहुंची। आयुष चिकित्सा अनुभाग-एक ने मामले में संज्ञान लिया और इसकी गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए। इसके बाद रजिस्ट्रार आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी तिब्बती चिकित्सा पद्घति बोर्ड डॉ. अखिलेश कुमार वर्मा ने झोलाछापों को चिकित्सा व्यवसाय के लिए प्रमाण पत्र दिए जाने के मामले में जांच एसआरएम राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय बरेली के प्राचार्य प्रोफेसर डीके मौर्य को सौंपी है। शासन स्तर से जांच का आदेश मिलने के बाद प्रोफेसर डीके मौर्य ने डॉ. दीपक सिंह तोमर को पत्र जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है। इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन से जुड़ी फाइल व अन्य अभिलेख भी तलब किए हैं।
जिन लोगों के रजिस्ट्रेशन किए गए थे वह योगा से जुड़े थे उनको चिकित्सा व्यवसाय करने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके पीछे योग को बढ़ावा देना था। सभी से शपथ पत्र भी लिए गए थे। झोलाछापों के रजिस्ट्रेशन किए जाने की बात गलत है। मामले में शासन स्तर से जांच के बारे में पता लगा है। मुझसे पक्ष रखने को कहा गया है। जांच में पूरा सहयोग करूंगा।
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- डॉ. दीपक सिंह तोमर, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी
झोलाछापों को चिकित्सा व्यवसाय की अनुमति के लिए उनके रजिस्ट्रेशन किए जाने की शिकायत शासन स्तर से की गई थी। मामले में शासन स्तर से जांच की जिम्मेदारी मुझे दी गई है। बदायूं के क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. दीपक सिंह तोमर और संबंधित शिकायतकर्ता को पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। इनको पत्र जारी किए गए हैं।
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- प्रोफेसर डीके मौर्य, प्राचार्य एसआरएम राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय बरेली
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