दरोगा और हेड कांस्टेबल ने ज्यादा दबाव बनाया तो वह 20 हजार रुपये देने को तैयार हो गया। उसने कह दिया कि वह थाने आकर रुपये दे देगा। इसके बाद दरोगा और हेड कांस्टेबल थाने लौट गए। छेड़खानी के आरोपी ने तुरंत इसकी सूचना एंटी करप्शन टीम को दी।
हेड कांस्टेबल ने लिए थे रुपये
एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार दोपहर कादरचौक थाने के बाहर आकर अपना जाल बिछा दिया। तय समय के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे छेड़खानी का आरोपी कादरचौक थाने पहुंचा। उस दौरान एसओ उदयवीर सिंह खाना खाने अपने आवास पर गए हुए थे। इसका फायदा उठाकर हेड कांस्टेबल प्रवेंद्र कुमार ने छेड़खानी के आरोपी को आगंतुक कक्ष में बुलाया और वहीं उससे 20 हजार रुपये ले लिए। तभी एंटी करप्शन टीम ने हेड कांस्टेबल को दबोच लिया।
एंटी करप्शन टीम हेड कांस्टेबल को पकड़कर बाहर ले गई और उसे गाड़ी में बैठा लिया। फिर उसे उझानी कोतवाली ले जाया गया, जहां एंटी करप्शन की ओर से हेड कांस्टेबल और सह आरोपी दरोगा महेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन के सीओ यशपाल सिंह ने बताया कि हेड कांस्टेबल प्रवेंद्र कुमार और दरोगा महेश कुमार बृहस्पतिवार को छेड़खानी के मामले की जांच करने गांव गए थे। तभी उन्होंने छेड़खानी के आरोपी से रिश्वत मांगी थी। आरोपी शुक्रवार दोपहर रुपये लेकर थाने पहुंचा। जैसे ही उसने हेड कांस्टेबल को रुपये दिए। तभी हमारी टीम ने हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान दरोगा नहीं पकड़ा गया। इस मामले में दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।