अहोई अष्टमी व्रत भी कल
संतान की दीर्घायु और सफलता के लिए किया जाने वाला अहोई अष्टमी का व्रत बृहस्पतिवार को धारण किया जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन शुभ मुहूर्त में उपासना करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। इस व्रत का पारण तारों को अर्घ्य देने के बाद किया जाता है। इससे संतान को जीवन में सफलता प्राप्त होती है।
पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का प्रारंभ 23/24 अक्तूबर को रात 1:18 बजे होगा। वहीं, इसका समापन 25 अक्तूबर को रात 1:58 बजे होगा। ऐसे में अहोई अष्टमी का पर्व 24 अक्तूबर को मनाया जाएगा।