सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
राज्यपाल के आगमन को लेकर शहर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। शहर को तीन सुपर जोन, पांच जोन और 10 सेक्टर में बांटा गया था। सुरक्षा के लिए तीन एडिशनल पुलिस अधीक्षक, पांच क्षेत्राधिकारी और 10 इंस्पेक्टर तैनात किए गए थे। इसके अतिरिक्त, 105 सब इंस्पेक्टर और 525 हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल व महिला कांस्टेबल की तैनाती की गई थी।
खराब मौसम बना बाधा
राज्यपाल का कार्यक्रम पहले राजधानी एक्सप्रेस से आने का था। ट्रेन के देरी से चलने के कारण देर रात उनके कार्यक्रम में बदलाव किया गया। इसके बाद उन्हें राजकीय हेलिकॉप्टर से आना प्रस्तावित था। माना जा रहा है कि खराब मौसम के चलते उनका आगमन निरस्त कर दिया गया।
शोधार्थियों के लिए काले कपड़े प्रतिबंधित
दीक्षांत समारोह में अनुशासन बनाए रखने के लिए इस बार जिम्मेदारी 33 वालंटियर को दी गई है, जो पिछले दीक्षांत समारोह की तुलना में कम है। कार्यक्रम में अनुशासन बनाए रखने के लिए जीरो मूवमेंट की नीति लागू की गई। चीफ प्रॉक्टर रवेंद्र सिंह ने छात्रों को कार्यक्रम के दौरान आवाजाही प्रतिबंधित रखने के निर्देश दिए हैं। शोधार्थियों के लिए काले कपड़े प्रतिबंधित हैं। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, मोबाइल फोन और हैंडबैग सभागार के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी।