शाहजहांपुर के मैथोडिस्ट चर्च में गुड फ्राईडे पर वचन बोलते पादरी अशोक श्रेष्ठा व मौजूद वचनकर्ता
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शाहजहांपुर। मसीह समाज ने शुक्रवार को गोविंदगंज स्थित मैथोडिस्ट चर्च में एकत्रित होकर गुड फ्राइडे मनाया। आराधना कर मसीह समाज के लोगों ने फरियाल से उपवास तोड़ा। इस बीच प्रभु यीशु के अंतिम सात वचन सुनाए गए और मानव उद्धार का संकल्प लिया गया।
शुक्रवार सुबह से चर्च में चहल-पहल बढ़ने लगी। पूर्वाह्न 11.30 बजे से आराधना का दौर शुरू हुआ। मेथोडिस्ट चर्च के पादरी अशोक श्रेष्ठ ने कहा कि गुड फ्राइडे को सुबह नौ बजे प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाया गया था। दोपहर 12:30 से तीन बजे तक विश्व में अंधेरा छाया रहा। अपराह्न तीन बजे प्रभु ने अपने प्राण त्याग दिए थे। उनके दिए सात वचनों से मानव का उद्धार संभव है।
उन्होंने कहा कि मसीह समाज के परिवारों के लिए यह पर्व खुशी और गम दोनों का है। बोले कि प्रभु यीशु के सात वचनों ने क्षमा, उद्धार, मिलनसारिता और परमेश्वर पर भरोसा रखकर खुद को सौंपने का संदेश दिया है। हम उनके संदेश को चरितार्थ कर मानव सेवा में जुटे। निराश्रित से प्यार करें, उन्हें अपनापन महसूस कराए। अशोक श्रेष्ठा, वाईजे दास, अतुल जेनवियर, सपना मैसी, विनीत सिंह, विनीत आनंद, अजय सिंह ने प्रभु के सात वचनों को पढ़कर सुनाया।
कल मनाएंगे ईस्टर संडे
रविवार को ईस्टर संडे मनाया जाएगा। ईसाई समाज के धार्मिक ग्रंथ के अनुसार सूली पर लटकाए जाने के तीसरे दिन यीशु पुनर्जीवित हो गए थे। इस मृतोत्थान को ईस्टर दिवस के रूप में मनाते है। इस दिन समाज के लोग खुशियां मनाएंगे। यह पर्व गुड फ्राइडे के दो दिन बाद आता है। इसलिए उस रविवार को ईस्टर संडे कहते हैं।