बरेली। शाही थाने के चर्चित गौसगंज कांड के पीड़ित मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) पदाधिकारियों के साथ मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचे और वहां घेराव व धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने मुआवजा, नौकरी और शस्त्र लाइसेंस देने की मांग उठाई। सात दिन में निस्तारण न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।
पांच महीने पहले गौसगंज में दूसरे समुदाय के लोग पूर्व प्रधान हीरालाल लोधी के बेटे तेजपाल को अपने धर्मस्थल में उठा ले गए थे। वहां पीट-पीटकर तेजपाल की हत्या कर दी थी। मंगलवार को तेजपाल पक्ष की कई महिलाएं व पुरुष कलक्ट्रेट पहुंचे और विरोध जताया। विश्व हिंदू परिषद के महानगर अध्यक्ष आशु अग्रवाल व कार्याध्यक्ष दिव्य चतुर्वेदी की अगुवाई में इन लोगों ने डीएम को बताया कि आज तक पीड़ित परिवार को कोई आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी है।
तेजपाल की मौत के बाद उसकी पत्नी को जीविका चलाने में दिक्कत हो रही है। गांव में पहले भी एक समुदाय के लोगों पर इसी तरह के हमले हो चुके हैं। इसलिए तेजपाल के परिवार को सुरक्षा की भी जरूरत है। पैरवी कर रहे पिता हीरालाल को शस्त्र लाइसेंस देने, परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने व तेजपाल की विधवा पत्नी को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की गई।
सात दिन में मदद न मिलने पर करेंगे आंदोलन
विहिप पदाधिकारियों ने कहा कि अगर पीड़ित परिवार को सात दिन में कोई सहायता नहीं मिली तो वे पीड़ित परिवार के साथ आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे। डीएम से मिलने वालों में मृतक तेजपाल की पत्नी अनीता, तेजपाल के माता-पिता रामप्यारी एवं हीरालाल, गौसगंज के ग्रामीण, विहिप के सहमंत्री संजय शुक्ला, जितेंद्र कश्यप, पंडित केके शंखधार, गिरधर खट्टर, केपी गोस्वामी, नितेश वर्मा, आकाश मौर्य आदि शामिल रहे।
गांव में अस्थायी चौकी स्थापित
मीरगंज। शाही थाना क्षेत्र के गांव गौसगंज में अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित की गई है। यहां तीन दरोगा और तीन सिपाहियों को तैनात किया गया है। 19 जुलाई को गांव में सांप्रदायिक हिंसा हुई थी। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से मुस्लिम समाज के लोग घरों को छोड़कर फरार हो गए थे। 10 दिसंबर को सपा कार्यकर्ताओं ने डीएम एवं एसएसपी से मिलकर दूसरे समुदाय के लोगों को बसाने के लिए ज्ञापन सौंपा था। थानाध्यक्ष शाही अमित कुमार बालियान ने बताया कि गांव में शांति है। एक मकान में अस्थायी पुलिस चौकी खोली गई है। संवाद