तीन साल में 28.10 लाख हजम कर गए
एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जाली जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र बनाकर रवि और देव ने 28.10 लाख रुपये कमाए हैं। फर्जी पोर्टल से जो बैंक अकाउंट लिंक पाया गया है, उसमें तीन साल के दौरान यह रकम जमा हुई है। आशंका है कि फर्जीवाड़ा लंबे समय से चल रहा था। इस दौरान हजारों जाली जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र बनाए जा चुके हैं।
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इतिहास का शिक्षक है देव
भाई के साथ जाली जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने का रैकेट चलाने वाला देव सिंह राम भरोसे इंटर कॉलेज में इतिहास का शिक्षक है। दोनों भाई शौक पूरा करने के लिए गिरोह चला रहे थे। कस्बे में भी उन्होंने तमाम लोगों के लिए जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए हैं। आवेदन फर्जी पोर्टल पर कराए जाते थे। पोर्टल पर ही रकम जमा होती थी और पोर्टल से ही प्रमाणपत्र डाउनलोड हो जाता था। ऐसे में किसी को शक भी नहीं होता था।