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अगले साल से विश्वविद्यालय के सभी कार्य होंगे डिजिटल

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MJP Rohilkhand university
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कुलपति प्रो. केपी सिंह ने महाविद्यालय के प्राचार्य को दी जानकारी
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पत्राचार, भुगतान, आवेदन समेत अन्य सभी कार्य होंगे ऑनलाइन

बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में अगले साल से छात्रों को कॉलेजों की दौड़भाग नहीं करनी होगी। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ही विभागवार सभी जानकारियां दर्ज रहेंगी। इसके अलावा भुगतान और पत्राचार भी डिजिटल यानी ऑनलाइन तरीके से ही किया जाएगा। शुक्रवार को कुलपति ने नई शिक्षा नीति 2020 को लागू करने के संबंध में हुई बैठक के दौरान यह जानकारी महाविद्यालयों के प्राचार्य को दिए।
शुक्रवार को कुलपति कार्यालय स्थित समिति कक्ष में प्रोफेसर केपी सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने के संबंध में वर्चुअल बैठक हुई। इसमें सभी राजकीय, एडेड महाविद्यालय के प्राचार्य शामिल रहे। उन्होंने बताया कि शिक्षा नीति को सबसे पहले रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने लागू किया है। इसलिए उत्तर प्रदेश शासन और राज्यपाल द्वारा की जा रही विश्वविद्यालय की सराहना के लिए सभी महाविद्यालय सहयोगी हैं। कुलपति ने सभी कॉलेजों को महाविद्यालय में रिसर्च कोऑर्डिनेटर नियुक्त करने का सुझाव दिया। साथ ही, रिसर्च कोऑर्डिनेटरों को विश्वविद्यालय के डायरेक्टरेट रिसर्च के संपर्क में रहने को कहा।
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शोध पत्र में नकल पकड़ने वाले सॉफ्टवेयर ‘टर्निटिन’ का लॉग इन आईडी और पासवर्ड विश्वविद्यालय के शोध निदेशालय से प्राप्त करने को कहा। सभी महाविद्यालयों को अपने-अपने महाविद्यालय के पूर्व छात्रों को विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र संगठन से जोड़ने को कहा। इस दौरान कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक अशोक कुमार अरविंद, मयंक अग्रवाल, संजीव कुमार, सुधाकर मौर्य, तपन वर्मा मौजूद रहे। ब्यूरो

शिक्षक संगठन ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन

बरेली। प्रयोगात्मक परीक्षा को लेकर चल रहे असमंजस के बीच शुक्रवार को महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (रूटा) के महामंत्री डॉ. स्वदेश सिंह व अन्य पदाधिकारियों ने कुलपति को अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा। इसमें कुलपति से बृहस्पतिवार को ऑनलाइन हुई बैठक में शिक्षक संगठनों द्वारा स्नातक प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए कम से कम 15 दिन का समय निर्धारित करने की मांग हुई है। ब्यूरो
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