इन लोगों ने बेरोजगारों को फर्जी नियुक्ति पत्र भी भेजे और उसे ठीक कराने के नाम पर भी रुपये लिए। बाद में आरोपी टालमटोल करने लगे। ठगों का एक साथी कथित सैन्यकर्मी शिवाजी जो खुद को मंत्री बताता था, वह अब ठगी के मामले में डासना जेल में बंद है। इज्जतनगर थाने में इन सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।