बरेली। फेसबुक पर कार की बिक्री का विज्ञापन देखकर सगे भाई झांसे में आ गए। कार खरीदने के लिए तीन बार में 85 हजार रुपये का पेमेंट पेटीएम के जरिए कर दिया। उसी कार का जब फिर से विज्ञापन देखा तो पता लगा कि उनसे ठगी हो गई है। बृहस्पतिवार को पीड़ित एसएसपी से मिले और रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की।
हाफिजगंज थाने के सदरपुर गांव के परमेश्वरी के भाई दर्शन सिंह ने फेसबुक पर एक कार की बिक्री का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन के साथ मोबाइल नंबर भी दिया गया था। कार की कीमत 85 हजार रुपये दर्शायी गई थी। दोनों भाइयों ने झांसे में आकर दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। खुद को कार स्वामी बताते हुए एक व्यक्ति ने उनसे कहा कि वह आर्मी अफसर है। कार बेच रहा है। उसने अपने असिस्टेंट का नंबर दिया और इस संबंध में उससे बात करने को कह दिया। दर्शन सिंह ने असिस्टेंट से बात की तो उसने पेमेंट पेटीएम के जरिए करने को कहते हुए कार की होम डिलीवरी करने की बात कही। पेमेंट से पहले दोनों ने कुछ सवाल किए तो उस व्यक्ति ने अपना आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस इनको व्हाट्सएप कर दिया। इससे दोनों को कार बेचने वाले पर भरोसा हो गया। 21 जुलाई तक कार स्वामी को पेटीएम के जरिए तीन बार में भुगतान कर दिया। इसके बाद भी कार उनको नहीं मिली। इसके बाद दर्शन सिंह ने फेसबुक पर उसी कार का विज्ञापन फिर से देखा। कार के साथ वही मोबाइल नंबर था। इस बार कीमत 1.90 लाख रुपये दर्शायी गई थी। इसके बाद दोनों को ठगी का अहसास हुआ।