एसडीआरएफ की टीम और गोताखोर शाम तक करते रहे तलाश
बरेली। किला छावनी में शनिवार को खेलने के दौरान चार बच्चे किला नदी में गिर गए। चीखपुकार मचने पर आसपास के लोगों ने तीन बच्चों को सकुशल बाहर निकाल लिया लेकिन एक का कुछ पता नहीं चला। रात तक एसडीआरएफ की टीम और गोताखोर उसकी तलाश में जुटे थे।
परिजन के मुताबिक मोहल्ले में ही रहने वाले युनुस का ठेला नदी किनारे ही खड़ा रहता था। वहां पर ढलान होने के कारण उसे एक रस्सी से बांधकर रोका गया था। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे हीराबाग निवासी अनवर की पांच वर्षीय बेटी सोनम, चार वर्षीय बेटा मो. शाहिद, हनीफ का छह वर्षीय बेटा अब्दुल रहमान और शब्बू का छह वर्षीय बेटा ताबिश ठेले पर बैठकर खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक रस्सी टूटने से चारों बच्चे नदी में जा गिरे। घर में बर्तन धो रही सोनम की बड़ी बहन हिना ने बच्चों को नदी में गिरते देखा तो शोर मचा दिया। इस पर उसका बड़ा भाई इस्लाम और आसपास के लोग दौड़ पड़े। उन्होंने पानी डूब रही सोनम, मो. शाहिद और अब्दुल रहमान को बाहर निकाल लिया मगर ताबिश गहरे पानी में चला गया और वे लोग उसे नहीं खोज सके।
मलबा और झाड़ियां तलाशी अभियान में बनीं बाधा
सूचना पर सीओ द्वितीय आशीष प्रताप सिंह, इंस्पेक्टर किला राजकुमार तिवारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। फिर दो लड़कों को कमर में रस्सी बांधकर नदी में उतारा गया लेकिन ताबिश का पता नहीं लगा। कुछ ही देर बाद एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। टीम का सदस्य नदी के गहरे पानी में उतरा लेकिन नदी में अवैध पटान, मलबा और झाड़ियाें के कारण बच्चे को तलाशने में कामयाबी नहीं मिली और कुछ देर बाद ही उन्हें अभियान रोकना पड़ा। इसके बाद सुभाषनगर से बुलाए दो गोताखोर भी नदी में उतारे गए। वे भी काफी देर तक बच्चे को तलाशते रहे लेकिन ढूंढ नहीं सके।
इस्लाम की हिम्मत से बची तीन बच्चों की जान
इस्लाम ने बताया कि वह अपने पिता अनवर के साथ मांझा का काम करता है। हादसे से कुछ देर पहले ही खाना खाने के लिए घर आया था। इसी बीच बच्चे नदी में गिर गए तो उसकी छोटी बहन से शोर मचा दिया और फिर वह बिना कुछ सोचे समझे नदी में कूद गया। सोनम को उसने बाहर से ही हाथ पकड़कर खींच लिया, शाहिद भी आसानी से मिल गया लेकिन अब्दुल रहमान नदी में डूबने लगा था। उसने गहराई में हाथ डाला तो अब्दुल रहमान सिर उसके हाथ में आ गया तो उसे भी बाहर निकाल लिया मगर काफी प्रयास के बावजूद वह ताबिश को नहीं खोज सका।
कब्जों से नाला बनी नदी, अक्सर हो रहे हादसे
किला नदी किनारे लोगों ने अवैध कब्जा करके मकान बना लिए और इसका लगातार पटान किया जा रहा है। सिस्टम की अनदेखी के चलते लोग इसमें लगातार मलबा गिरा रहे हैं और अब यह नाले में तब्दील हो चुकी है। झाड़ियां और कूड़े की वजह से नदी की गहराई दूर से पता नहीं चलती लेकिन जिस जगह यह हादसा हुआ, वहां यह दस फुट से भी ज्यादा गहरी है। नदी के किनारे तक घर बने होने के चलते यहां अक्सर हादसे होते हैं। कुछ दिन पहले भी एक बच्चे की इस नदी में डूबकर मौत हो चुकी है।