फतजेगंज पूर्वी/फरीदपुर। नाश्ते में चाय-पकौड़ी खाने के बाद फतेहगंज पूर्वी में हरेला गांव के चौराहे पर रहने वाले परिवार के आठ सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई। परिवार के ही एक सदस्य ने फोन करके एंबुलेंस को बुलाया, इसके बाद एंबुलेंस सभी को लेकर फरीदपुर सीएचसी पहुंची। जहां इलाज के बाद छह लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि दो लोगों को गंभीर होने पर भर्ती कर लिया गया।
मूलरूप से बिजनौर का रहने वाला परिवार पिछले दस साल से फतेहगंज पूर्वी इलाके में हाईवे पर हरेला गांव के चौराहे पर मकान बना कर रह रहा है। उन्होंने मकान में नीचे दुकानें बनवा रखी हैं तो ऊपर पूरा परिवार रहता है। रविवार सुबह दस बजे परिवार के 27 वर्षीय अंकुर ने नाश्ते में चाय के साथ पकौड़ी बनवाई थी, जो अंकुर की पत्नी ममता, मां सरोज, बेटी ताप्सी, बेटे अभी, बहन नीतू और भाई प्रशांत व सचिन ने खाईं थीं। चाय-पकौड़ी का सेवन करने के कुछ देर बाद ही एक-एक कर पूरे परिवार को उल्टी होने लगी। हालत ज्यादा बिगड़ने लगी अंकुर के भाई सचिन ने एंबुलेंस को फोन किया। इसके बाद उन्हें फरीदपुर सीएचसी ले जाया गया। जहां सचिन और नीतू के अलावा इलाज के बाद सभी लोगों की तबीयत में सुधार हो गया, इस पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि सचिन और नीतू अब भी अस्पताल में भर्ती है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों ने बताया कि फूड प्वाइजनिंग के कारण सभी की तबीयत बिगड़ी है।
बेसन में गड़बड़ी की जताई आशंका
अंकुर के मुताबिक उनके घर में गाय है, जिसके दूध का सेवन उनका परिवार करता है। रविवार को बछड़ा दूध पी गया तो वह पास की डेयरी से दूध लाए थे, जिससे चाय बनाई गई थी। बेसन कुछ दिन पहले उनके पिता दुकान से लाए थे। तेज उनके घर का ही था। उन्होंने बेसन खराब होने की वजह से सभी की तबीयत खराब होने की आशंका जताई। उनका कहना है कि जिस तेल में पकौड़े तले गए वह काफी समय से घर में इस्तेमाल हो रहा है। दूध में किसी तरह की कमी से उन्होंने इनकार किया। उनका कहना है कि परिवार के उन लोगों की तबीयत भी बिगड़ गई, जिन लोगों ने चाय नहीं पी।