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पहले न.. न फिर दे दी मंजूरी, सुभाषनगर रेलवे मैदान पर सज गया पटाखा बाजार

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सुभाषनगर क्षेत्र में लगने लगीं पटाखे की दुकानें। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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सौ फुटा रोड के थोक पटाखा कारोबारियों को राहत, अब शिफ्टिंग दिवाली बाद
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बरेली। कई दिन तक अफसर न.. न करते रहे लेकिन फिर सुभाषनगर रेलवे ग्राउंड पर पटाखा बाजार लगाने की मंजूरी दे दी। मंगलवार से यहां दुकानें लगनी शुरू हो गई हैं। वहीं, सौफुटा रोड पर घनी आबादी के बीच से पटाखा की थोक दुकानें हटाने का मामला भी फिलहाल ठंडे बस्ते में चला गया है। अब इन्हें दिवाली बाद शिफ्ट किया जाएगा।
सुभाषनगर रेलवे ग्राउंड तक पहुंचने के लिए पुलिया के नीचे से गुजरना पड़ता है। यहां से फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ी निकलना संभव नहीं है। इसी आधार पर फायर ब्रिगेड तीन साल से इस ग्राउंड पर पटाखा दुकानें लगाने का प्रस्ताव नामंजूर करती आई है। इस बार भी जब अस्थाई पटाखा बाजार के लिए जिला प्रशासन की ओर से जगह प्रस्तावित की गईं तो फायर ब्रिगेड ने रेलवे ग्राउंड को एनओसी देने से मना कर दिया था। मगर कई दिन की उठापटक के बाद इसे मंजूरी दे दी गई। मंगलवार को यहां दुकानें भी लगनी शुरू हो गई हैं।
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पिछले साल से कम हुईं दुकानें
दिवाली पर पिछले साल शहर में पटाखों की करीब 350 अस्थाई दुकानें लगी थीं। मगर इस बार यह संख्या काफी कम है। इस बार एमबी इंटर कॉलेज ग्राउंड में 40, मॉडल टाउन रामलीला ग्राउंड में 20, जीआईसी कॉलेज ग्राउंड में 25, तुलसीनगर ग्राउंड में 40, सदर बाजार में चर्च के पास पांच, हार्टमन रामलीला ग्राउंड में 25 और सुभाषनगर ग्राउंड में 25 दुकानें लगाने की अनुमति दी गई है।
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दिवाली तक मिली मोहलत
सौफुटा रोड की पटाखा दुकानें आबादी के बीच आने से उन्हें चार साल से शिफ्ट करने की प्रक्रिया कागजों पर चल रही है। हर साल दिवाली से पहले अफसर इसे लेकर सक्रिय होते हैं, लेकिन दिवाली आते-आतेे भूल जाते हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ। डीएम मानवेंद्र सिंह ने पिछले दिनों इन दुकानों के लाइसेंस नवीनीकरण का आवेदन निरस्त कर दिया फिर सोमवार को इज्जतनगर पुलिस ने व्यापारियों को वहां से दुकानें शिफ्ट करने का नोटिस दे दिया। मंगलवार को यहां कार्रवाई की तैयारी थी। मगर डीएम मानवेंद्र सिंह ने कहा कि दिवाली को अब सिर्फ दो ही दिन बचे हैं। ऐसे में दुकानें सील होंगी तो ग्राहकों को भटकना पड़ेगा और व्यापारी भी इतनी जल्दी वहां से माल दूसरी जगह नहीं ले जा सकेंगे। इसलिए दिवाली के बाद उन्हें शिफ्ट करने की कार्रवाई की जाएगी ताकि अगले साल यह स्थिति पैदा ही न हो।
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