सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर कराया जा रहा था काम
कर्मचारियों ने बताया कि कारखाने में सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर काम किया जा रहा है। पहले भी हादसे होते रहे हैं। छोटे-मोटे हादसों की जानकारियां बाहर नहीं आ पातीं। शनिवार को बड़ा हादसा हो गया तो जानकारी बाहर आ गई। कर्मचारी यूनियनों ने सुरक्षा संसाधनों की बेहतरी को लेकर कई बार मांग उठाई, लेकिन उसकी अनदेखी की गई।
कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ की नारेबाजी
सुरक्षा मानकों की अनदेखी और हादसे के विरोध में रेलवे यूनियनों का गुस्सा फूट गया। उन्होंने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। कारखाना सूत्रों ने बताया कि हादसे के बाद कुछ कर्मचारी नेताओं और अधिकारियों के बीच तकरार भी हुई। दो यूनियनों से जुड़े कर्मचारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। कर्मचारी नेताओं के बीच रेलवे अस्पताल में भी कहासुनी हुई।
जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी
एनई रेलवे मेंस कांग्रेस के मंडल मंत्री रजनीश तिवारी ने कहा कि जिस जगह काम कराया जा रहा था, वहां यह काम नहीं होना चाहिए था। किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानक पूरे नहीं किए जा रहे। भविष्य में ऐसे हादसे न हों, इसके लिए जरूरी है कि जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन के मंडल मंत्री आरडी शर्मा ने कहा कि सोमवार को यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मुख्य कारखाना प्रबंधक से मिलकर ज्ञापन देगा। जिस तीन नंबर लाइन पर यह काम कराया जा रहा था, वह लाइन इस काम के लिए अधिकृत नहीं है। जांच, कार्रवाई व सुरक्षा मानकों को पूरा कराने की मांग की जाएगी।
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मुख्य कारखाना प्रबंधक अशोक कुमार ने कहा कि महिला कर्मचारी कोच में काम करते समय किसी कारण झुलस गई है। वेल्डिंग का काम कोच में नहीं, बल्कि दूरी पर हो रहा था। वेल्डिंग की चिंगारी कोच तक कैसे पहुंची, यह जांच का विषय है। पेंट व पेस्टिंग के दौरान वेल्डिंग या ऐसा कोई दूसरा काम करने की अनुमति नहीं होती। सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।