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बिना बताए ड्यूटी से गायब डॉक्टर समेत तीन स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ एफआईआर

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बदायूं। कोरोना वायरस से बचाव को लेकर जारी लॉकडाउन के बीच जिला प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। तो वहीं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में लापरवाही की जा रही है। शुक्रवार को डीएम और एसएसपी ने औचक रूप से जिला अस्पताल में बने कोरोना आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया। तो सीएमएस सुकुमार अग्रवाल ने डीएम को बताया कि डॉक्टर सुधारानी, स्टाफ नर्स राजकुमारी जोशी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भूपेंद्र वाला 20-22 मार्च से बिना बताए ड्यूटी से नदारद चल रहे हैं। जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा उत्पन्न हो रही है। डीएम ने इन स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन रोकते हुए एपेडेमिक एक्ट के अंतर्गत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
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शुक्रवार को डीएम कुमार प्रशांत व एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने जिला अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यहां कोरोना से संबंधित मरीजों के लिए 60 बेड की व्यवस्था की गई है। यहां उन्होंने चिकित्सकों की ड्यूटी रजिस्टर का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था में कमी न आने पाए। जिला महिला चिकित्सालय में स्थापित कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। डीएम ने स्वयं सीएमओ कंट्रोल रूम के नंबर 05832-266441 पर कॉल करके चेक किया। उन्होंने उझानी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां 30 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। डीएम ने ईओ को निर्देश दिए कि वार्ड की बैरिकेडिंग कराने और सफाई व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए।
प्रधानों ने डीएम राहत कोष में जमा किया मानदेय
कोरोना महामारी को देखते हुए जिले के 1038 प्रधानों ने मदद के हाथ बढ़ाए हैं। सभी प्रधानों ने प्रतिमाह मिलने वाले 3500 रुपये के मानदेय को डीएम राहत कोष में जमा कराने के लिए डीएम को पत्र सौंपा है।
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