बरेली। स्मार्ट सिटी के तहत भूमिगत हाइटेंशन लाइन बिछाने का काम चल रहा है। जिन तीन कंपनियों का काम सौंपा गया है, वे शुरुआत में ही खेल करने लगी हैं। ब्रांडेड कंपनी की जगह घटिया, सस्ती केबल डाली जा रही है। स्मार्ट सिटी के वरिष्ठ महाप्रबंधक भूपेश कुमार सक्सेना ने निरीक्षण के दौरान यह घपला पकड़ा तो काम रुकवा दिया। उन्होंने तीनों ठेकेदारों पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत एबीडी एरिया में सड़कों के निर्माण के साथ बनाए गए डक्ट में बिजली लाइनें भूमिगत होनी है। इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 34 करोड़ रुपये है। इसका ठेका तीन कंपनियों को दिया गया है। कंपनियों ने काम में घोटाला करना शुरू कर दिया। बिछाई जा रही केबल ट्रैक में ब्रांडेड कंपनी की केबल न लगाकर लोकल कंपनी की घटिया और सस्ती केबल डाली जा रही थी। स्मार्ट सिटी के वरिष्ठ महाप्रबधंक भूपेश कुमार सिंह ने निरीक्षण में यह घोटाला पकड़ लिया। उन्हाेंने केबल की गुणवत्ता की राइट्स और इंजीनियरों की टीम से जांच कराई तो यह मानक पर खरी नहीं उतरी। इस पर उन्हाेंने तीनों ठेकेदारों पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना लगाकर काम रुकवा दिया है। कंपनियों से कहा है ब्रांडेड कंपनी की ही केबल डाली जाए और डालने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच कराने के बाद ही अब आगे का काम शुरू किया जाए।
यह कंपनियां कर रही हैं काम
स्मार्ट सिटी के इस प्रोजेक्ट के लिए आगरा की एपपी एंड कंपनी, गाजियाबाद की मेसेज कैपिटल इलेक्ट्रिक और गौतमबुद्ध नगर की मन्नू इलेक्ट्रिकल कंपनी से अनुबंध किया गया था। इन कंपनियाें के ठेकेदारों ने तय समय पर काम भी पूरा नहीं किया है। जितना काम किया है उसमें भी गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया है।
तीनों कंपनियां गुणवत्ता पूर्ण काम नहीं कर रहीं हैं। काम में भी देरी की जा रही है। नोटिस का जवाब भी समय पर नहीं दिया है। इस पर तीनों कंपनियों पर जुर्माना करके नोटिस जारी किया गया है। - भूपेश कुमार सिंह, वरिष्ठ महाप्रबंधक, स्मार्ट सिटी