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बीडीए को जमीन देने से किसानों ने किया इंकार, आयुक्त कार्यालय में हंगामा

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आयुक्त कार्यालय में प्रदर्शन कर हंगामा करते किसान।
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बरेली। रामगंगानगर आवासीय योजना के विस्तारीकरण के लिए 12 गांवों के किसानों ने अपनी जमीन देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने बरेली विकास प्राधिकरण के अफसरों पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कमिश्नरी कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। बिथरी चैनपुर विधायक राजेश मिश्र उर्फ पप्पू भरतौल ने इस संबंध में अफसरों वार्ता की। उन्होंने 31 अगस्त को बैठक में निर्णय लिए जाने की बात कही है।
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मंगलवार को जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव से नाराज 12 गांवों के किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियों से कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जमीन के अधिग्रहण का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया। कहा, सरकार किसानों की आय भड़ाने के प्रयास कर रही है और बीडीए अफसर किसानों की उपजाऊ जमीन को तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाकर कब्जाना चाहते है। ‘जय जवान जय किसान’ के नारे लगाकर किसानों ने अफसरों से तानाशाही रवैया छोड़कर तुगलकी फरमान तत्काल वापस लेने की मांग की। इस बीच बिथरी विधायक राजेश मिश्र भी मौके पर पहुंच गए। किसानों की मांग का समर्थन करते हुए उन्होंने जमीन अधिग्रहण के आदेश को तत्काल निरस्त करने को कहा। उन्होंने बिल्डरों से साठगांठ का आरोप भी लगाया।
बीडीए आवासीय कॉलोनी बसाने के लिए चंदपुर बिजपुरी, डोहरिया, अब्दुलापुर माफी, कलारी लालपुर, इटौआ बेनीराम, मोहनपुर उर्फ रामनगर, अहरौला, बालीपुर अहमद, नहरिया, नवदिया झादा, कचौली गांव के किसानों की जमीन का अधिग्रहण करना चाहता है। इस पर किसानों को आपत्ति है। उनके मुताबिक पूर्व में ही बीडीए ने उनकी काफी जमीन कब्जा ली है। बची खुची जमीन भी दे देंगे तो परिवार का गुजारा कैसे करेंगे।
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कार्यालय परिसर में हुई धक्कामुक्की
किसान कमिश्नर से मुलाकात करने के लिए अंदर जाने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इससे नाराज किसान हंगामा करने लगे। सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार ने किसानों को समझाने का प्रयास किया पर वे नहीं माने। कोतवाली पुलिस ने स्थिति को संभालने की कोशिश की तो किसान धक्कामुक्की करने लगे। बाद में विधायक पप्पू भरतौल ने किसानों को समझाकर शांत किया।
समझौता या पूल करके दे सकते हैं जमीन
जिलाधिकारी नितीश कुमार के मुताबिक किसानों के सामने दो विकल्प रखे गए हैं। आपसी समझौते के आधार पर किसान अपनी जमीनें दे सकते हैं। अगर चाहें तो पूल करके यानी अविकसित जमीन देकर उसके बदले विकसित हिस्सा वापस ले सकते हैं। इसके लिए बरेली विकास प्राधिकरण के अधिकारी किसानों के साथ संवाद करेंगे। किसान अपनी जमीनें देने को तैयार नहीं हैं। उनसे बातचीत की जा रही है।
हंगामे के बाद निरीक्षण करने पहुंचे अफसर
कि सानों के प्रदर्शन के बाद कमिश्नर आर. रमेश कुमार, बीडीए वीसी जोगिंदर सिंह और अन्य अफसर रामगंगानगर आवासीय परियोजना का निरीक्षण करने पहुंचे। अभियंता ने आवंटियों से अनुरक्षण शुल्क वसूल करने का प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करने का अनुरोध किया। इसे कमिश्नर ने मंजूरी दे दी। एनएच-24 को लैंड पूल के जरिए विकसित करने की बात कही। ताकि किसानों और भूस्वामियों को पूरा लाभ मिल सके।
किसानों से जबरदस्ती जमीन नहीं ली जाएगी। उनकी मांग पर 31 अगस्त को बैठक करके विचार विमर्श किया जाएगा। प्रत्येक गांव से दो किसानों को भी बैठक में बुलाया जाएगा। - आर. रमेश कुमार, कमिश्नर
किसान की अपनी जमीन है और किसी की जमीन कोई कैसे ले सकता है। अधिकारियों से भी बात की गई है। 31 अगस्त को बैठक में इस मुद्दे पर निर्णय लिया जाएगा। - राजेश मिश्र, विधायक बिथरी
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