बरेली। गन्ने का बकाया भुगतान नहीं मिलने से परेशान किसानों को मिल प्रबंधन के वादों पर भरोसा नहीं। बुधवार को विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस में यह मुद्दा छाया रहा। किसानों ने अफसरों से तीखे सवाल किए। भुगतान कब तक होगा? इस सवाल पर अफसरों ने कहा कि मिलों ने जो शेड्यूल दिया है, उसका पालन कराएंगे। देरी पर कार्रवाई भी होगी।
बहेड़ी स्थित केसर शुगर मिल पर किसानों के 183 करोड़ और नवाबगंज की ओसवाल मिल पर 60 करोड़ रुपये बकाया हैं। नवाबगंज मिल पर इस पेराई सत्र के 39 करोड़ और पिछले पेराई सत्र के 21 करोड़ रुपये बकाया हैं। नवाबगंज मिल को गन्ना देने वाले किसान छेदालाल गंगवार, बहेड़ी क्षेत्र के किसान केंद्रपाल गंगवार, सीताराम और राकेश कुमार ने यह मुद्दा उठाया।
बहेड़ी चीनी मिल के केन प्रबंधक ने कहा कि अप्रैल और मई में 25-25 और जून में 23 करोड़ का भुगतान करेंगे। शेष भुगतान के लिए संपत्ति बेच रहे हैं। नवाबगंज मिल के केन मैनेजर ने कहा कि 4.5 करोड़ की चीनी रखी है। उसे बेचकर भुगतान देंगे। शेष के लिए जमीन बेच रहे हैं। अपर जिलाधिकारी सौरभ दुबे ने हर हाल में शेड्यूल का पालन करने की हिदायत दी। ब्यूरो
ये मुद्दे भी उठे
- बहेड़ी शुगर मिल की ओर से मुड़िया नबीबख्स मार्ग और खेल के मैदान को बंद करने का मामला उठा। गन्ना प्रबंधक ने आरोपों को नकारा तो एडीएम ने एसडीएम से जांच कराने की बात कही। सड़कें ठीक कराने के निदेश दिए गए।
- ओवरलोड वाहनों के आवागमन से सड़कें टूटने और इटौआ धौरा मार्ग की दोनों पुलिया धंसने का मामला उठा तो एडीएम ने उनकी मरम्मत के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिया।
- नवाबगंज चीनी मिल किसानों को कीटनाशक खरीदने के लिए क्यों मजबूर कर रही है? इस सवाल पर एडीएम ने हिदायत दी कि किसी भी किसान को इसके लिए विवश न किया जाए।