बरेली। देखरेख के अभाव में बरेली कॉलेज का तरणताल बदहाल हो गया है। इसमें पानी के बजाय सूखे पत्तों और कचरे का अंबार लगा है। चारों तरफ उखड़ी हुई टाइल्स, टूटी दीवारें और बदहाल वॉशरूम-चेंजिंग रूम जिम्मेदारों की बेपरवाही की गवाही दे रहे हैं। इस कारण खिलाड़ियों को परेशानी हो रही है। प्रतियोगिताओं में पदक जीतने की उनकी उम्मीदें भी क्षीण हो रहीं हैं।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, कोरोना महामारी के दौरान जब सभी शैक्षणिक और खेल गतिविधियां बंद थीं, तब इस तरणताल को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। इसके बाद इसे दोबारा खोलने और मरम्मत कराने का कोई प्रयास नहीं किया गया। नतीजतन, पूल की संरचना कमजोर होती चली गई। इसके आसपास बनी दीवारें और सीमाएं भी जर्जर हो गई हैं। पहले जहां तैराकी के छात्र नियमित अभ्यास करते थे, अब वहां सूखी पत्तियां और कचरा जमा हो गया है। संवाद