दिवाली की रात ग्राउंड फ्लोर पर टेंट के गोदाम से शुरू हुई आग, गैस सिलिंडर फटने से तीन दमकलकर्मी भी घायल
रात इमारत से उठती रहीं लपटें, शुक्रवार को दोपहर बाद पाया जा सका काबू
बरेली। बड़ा बाजार की घनी आबादी वाली गली नवाबान में दिवाली की रात तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। भूतल स्थित टेंट हाउस के गोदाम से शुरू हुई आग में पहली मंजिल पर रह रहा टेंट हाउस मालिक पंकज अरोड़ा का परिवार भी घिर गया। बाकी सदस्यों को तो बाहर निकाल लिया गया लेकिन पंकज की पत्नी अलका की मौत हो गई। रसोई में रखा गैस सिलिंडर फटने से हुए भीषण धमाके से तीन दमकलकर्मी भी घायल हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गली नवाबान में पंकज अरोड़ा का तीन मंजिला मकान है जिसके भूतल पर पंकज टेंट हाउस चलाते हैं। पहली मंजिल पर उनके और उनके बड़े भाई हेमंत कुमार के परिवार की रिहायश है। बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े आठ बजे दिवाली के धूमधड़ाके के दौरान टेंट हाउस के गोदाम में आग लग गई। पड़ोसियों ने दुकान से धुआं उठता देखा तो फोन पर पंकज के साथ फायर ब्रिगेड को भी सूचना दे दी लेकिन इस बीच आग काफी भीषण हो चुकी थी और पंकज का परिवार पहली मंजिल पर आग में ही फंस गया।
कुछ देर बाद पहुंची कोतवाली पुलिस और फायर ब्रिगेड ने पहली मंजिल पर फंसे पंकज के परिवार को निकालने की कोशिश शुरू की। काला धुआं भरा होने की वजह से काफी मुश्किल तो हुई लेकिन फिर भी पंकज की पत्नी अलका को छोड़कर परिवार के बाकी सभी सदस्यों को निकाल लिया गया। पंकज के भाई हेमंत आग की चपेट में आकर झुलस भी गए। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां लगातार आग बुझाने की कोशिश में जुटी रहीं। धुआं ज्यादा होने की वजह से काफी कोशिश के बावजूद अलका को नहीं तलाश किया जा सका।
रात करीब साढ़े 11 बजे रसोई में रखा गैस सिलिंडर भीषण धमाके के साथ फट गया। इस धमाके में रसोई की दीवारें और लिंटर टूटकर बिखर गया। धमाके से मलबा उड़ा तो उसकी चपेट में आकर फायरमैन कृष्ण यादव, नमित सिरोही और प्रदीप कुमार घायल हो गए जिन्हें फौरन अस्पताल भेज दिया गया। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे धुआं कुछ कम हुआ तो एक कमरे में अलका का बुरी तरह जला शव दिखाई दिया। तब कहीं उसे बाहर निकाला गया। दोपहर बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।