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फर्जी पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट: सैकड़ों छात्र-छात्राओं का टूटा सपना, प्रशासन से फीस वापस कराने की मांग

Fri, 14 Apr 2023 04:32 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

पीलीभीत बाईपास पर इंडियन पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट नाम से फर्जी कॉलेज का संचालन हो रहा था। गुरुवार को पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने छापा मारा तो खुलासा हुआ। इसमें सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे थे।  
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कलेक्ट्रेट परिसर में जुटे छात्र-छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में फर्जी पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट का खुलासा होने के बाद हजारों रुपये फीस जमा कर पढ़ाई कर रहे करीब तीन सौ विद्यार्थियों के सुनहरे भविष्य की उम्मीद भी टूट गई। पैरामेडिकल की पढ़ाई के बाद कैंपस प्लेसमेंट का झांसा भी दिया जा रहा था। नर्सिंग, फार्मासिस्ट, तकनीशियन अन्य से रोजगार की संभावनाएं धराशायी हो गई हैं। विद्यार्थियों ने संबंधित संचालक से उनकी जमा हुई फीस वापस कराने की मांग की है।

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पीलीभीत बाईपास पर इंडियन पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट नाम से फर्जी कॉलेज का संचालन हो रहा था। गुरुवार को पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने छापा मारा। जांच में फर्जी इंस्टीट्यूट का भंडाफोड़ हुआ। शुक्रवार को इंडियन पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राएं कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने एडीएम सिटी को ज्ञापन दिया। उनका मांग है कि उन्हें किसी दूसरे कॉलेज में एडमीशन दिलाया जाए या फिर फीस वापस कराई जाए। 

एसीएमओ डॉ. हरपाल सिंह के मुताबिक इंस्टीट्यूट की मान्यता नहीं थी। ऐसे में जो विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे थे, अब उन्हें शासन की ओर से कहीं शिफ्ट नहीं किया जा सकता। उनके द्वारा जमा की रकम की वापसी भी अब कोर्ट के जरिये ही हो सकेगी। अभिभावकों को भी पड़ताल के बाद ही प्रवेश दिलाना चाहिए था। उनकी जारा सी चूक से विद्यार्थियों का साल बर्बाद हो गया। 
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नाम में लगाया था डॉक्टर, तो झांसे में आ गए

पुलिस के मुताबिक फर्जी कॉलेज संचालक आरोपी विनोद यादव और जगदीश चंद्रा ने अपने नाम के आगे डॉक्टर लगा रखा था। लिहाजा, जो विद्यार्थी प्रवेश के लिए संपर्क करते वे झांसे में आते गए। विद्यार्थियों के मुताबिक सोशल मीडिया पर विनोद ने फर्जी अकाउंट बना लिए हैं। 

पेड प्रमोशन के जरिये फॉलोवर्स जोड़ रखे हैं। कॉलेज की वेबसाइट भी फर्जी है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के बाद विद्यार्थियों ने पूछताछ शुरू की तो किसी दलाल को कॉल कर एडमिट कार्ड आदि जारी कराने की बात करता था। दो दिन पहले कॉलेज में प्रदर्शन हुआ था।
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