नाम में लगाया था डॉक्टर, तो झांसे में आ गए
पुलिस के मुताबिक फर्जी कॉलेज संचालक आरोपी विनोद यादव और जगदीश चंद्रा ने अपने नाम के आगे डॉक्टर लगा रखा था। लिहाजा, जो विद्यार्थी प्रवेश के लिए संपर्क करते वे झांसे में आते गए। विद्यार्थियों के मुताबिक सोशल मीडिया पर विनोद ने फर्जी अकाउंट बना लिए हैं।
पेड प्रमोशन के जरिये फॉलोवर्स जोड़ रखे हैं। कॉलेज की वेबसाइट भी फर्जी है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के बाद विद्यार्थियों ने पूछताछ शुरू की तो किसी दलाल को कॉल कर एडमिट कार्ड आदि जारी कराने की बात करता था। दो दिन पहले कॉलेज में प्रदर्शन हुआ था।