बरेली। सड़क हादसों पर प्रभारी अंकुश के लिए अब स्वास्थ केंद्र भी इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (आई-रैड) से जोड़े जा रहे हैं। इससे सड़क हादसों की छिटपुट घटना (हल्के जख्म, खरोंच, चोटों) की निगरानी होगी। जहां ज्यादा घटनाएं होंगी वे स्थान ब्लैक स्पॉट में दर्ज होंगे।
निओनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसी) बरेली के सीनियर डायरेक्टर आईटी मनोज शर्मा के मुताबिक सड़कों पर आवागमन के दौरान कई बार वाहनों की टक्कर, फिसल कर गिरने, गड्ढे में पहियाें के अटकने, डिवाइडर से टकराने, ब्रेकर आदि वजहों से दुर्घटना होती है। जिसमें वाहन चालक या अन्य यात्रियों को हल्की चोटें आती हैं। वाहन को कोई खास नुकसान न होने से यह मामले थाना तक नहीं पहुंचते। लिहाजा, अनजाने रह जाते हैं। प्राथमिक इलाज के बाद घायल घर चले जाते हैं। पर अब इन घटनाओं का भी संज्ञान लिया जाएगा। छोटी खरोचों से बड़ी घटना पर अंकुश लगाने की तैयारी है।
बताया कि अभी तक पोर्टल से पीडब्ल्यूडी, आरटीओ और पुलिस विभाग ही जोड़े गए थे। पुलिस विभाग सड़क दुर्घटना की सूचना अपडेट करता था। इसके बाद संबंधित विभाग को दुर्घटना की वजह तलाश कर उसे दूर करने की जिम्मेदारी मिली थी। अब स्वास्थ्य विभाग अपडेट हुआ है।
सड़कों पर होने वाली छिटपुट घटनाओं की सूचना आई रैड पोर्टल पर दर्ज करने की कवायद अभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से शुरू हो रही है। बाद में निजी अस्पतालों को जोड़ा जाएगा। शुरू में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोर्टल पर पंजीकृत किए जा रहे हैं। इनमें से कई केंद्र इलाज के लिए पहुंच रहे सड़क दुर्घटना के घायलों की संख्या, वजह, कब, कहां और कैसे हुई आदि की रिपोर्ट अपडेट कर रहे हैं।
मनोज शर्मा के मुताबिक अस्पतालों से पोर्टल पर अपडेट रिपोर्ट के आधार पर जहां दुर्घटनाओं की तादाद ज्यादा होगी, वे स्थान ब्लैक स्पॉट माने जाएंगे। रिपोर्ट पीडब्ल्यूडी, आरटीओ, जिला प्रशासन से साझा होगी। अफसर सूचना को पोर्टल पर लॉग इन आईडी के जरिये देख सकेंगे। संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर दुर्घटना की वजह तलाशकर उसे दूर कराएगी। ताकि भविष्य में दुर्घटना की संभावना न रहे।