इंचार्ज के कक्ष में मिले 1.06 लाख रुपये भी सील
एंटी करप्शन की ट्रैप टीम ने चौकी के अंदर चौकी इंचार्ज को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ने के बाद उसके कक्ष की तलाशी ली। यहां तख्त पर नीले रंग का बैग मिला। बैग खोलने पर उसमें 1,06,650 रुपये मिले। चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह ने बताया कि ये रुपये फॉलोअर नरेश रस्तोगी उर्फ बाबू के हैं। मकान बनवाने के लिए उसने कर्मचारियों के चंदे से जुटाए हैं, जो उनके पास रखे हैं।
इसमें 1650 रुपये उन्हें लोकसभा चुनाव ड्यूटी से प्राप्त हुए हैं। चौकी इंचार्ज बरामद रुपये के संबंध में कोई प्रामाणिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा सके। एंटी करप्शन की टीम ने माना कि बरामद रकम भी अवैध उगाही कर वसूली गई है। टीम ने रुपये को बैग समेत सील कर दिया। चौकी इंजार्च को निलंबित कर दिया गया है।
रिश्वत के लिए पहले से ही बदनाम है ये चौकी
लगभग एक वर्ष पहले भी चौकी बंजरिया सुर्खियों में रही थी। उस समय के तत्कालीन इंस्पेक्टर व चौकी इंचार्ज ने एक मानसिक रूप से कमजोर दुष्कर्म पीड़िता की इज्जत का सौदा एक लाख में करके रुपये ले लिए थे। तत्कालीन कप्तान ने चौकी इंचार्ज, इंस्पेक्टर और क्राइम इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया था। आज फिर इस चौकी में दस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए चौकी इंचार्ज पकड़े गए।
कोई रिश्वत मांगे तो दें सूचना, होगी कार्रवाई: सीओ
सीओ एंटी करप्शन यशपाल सिंह का कहना है कि अगर कोई रिश्वत मांगे तो उनके कार्यालय में आकर सीधे सूचना दें, जिससे कि आरोपियों को पकड़ा जा सके। सीओ ने बताया कि जो भी सूचना मिल रही हैं सभी में आरोपी को ट्रैप किया जा रहा है। तीन दिन पहले बुधवार को एंटी करप्शन की टीम ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेते दरोगा रामौतार को गिरफ्तार किया था। एंटी करप्शन की कार्रवाई से अब पुलिस विभाग में भी खलबली मची हुई है। सीओ का कहना है कि कोई भी पीड़ित व्यक्ति उनके सीयूजी 9454405475 पर सूचना दे सकता है।