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Bareilly News: मुख्य नगर लेखा परीक्षक पर भ्रष्टाचार और अभद्रता का आरोप, कर्मचारी संगठन ने की कार्रवाई की मांग

Thu, 16 Jul 2026 05:44 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में नगर निगम के मुख्य नगर लेखा परीक्षक संजय दीक्षित पर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और जातिसूचक टिप्पणी के आरोप लगे हैं। स्थानीय कर्मचारी संगठन ने नगर आयुक्त से शिकायत कर कार्रवाई मांगी है। आरोप है कि दीक्षित फाइलों पर आपत्तियां लगाकर दो प्रतिशत कमीशन मांगते हैं।
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नगर निगम बरेली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली नगर निगम में तैनात मुख्य नगर लेखा परीक्षक संजय दीक्षित पर भ्रष्टाचार और कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। इस संबंध में स्थानीय कर्मचारी संगठन के एक शिष्टमंडल ने नगर आयुक्त को शिकायती पत्र सौंपकर मामले में दखल देने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपी अधिकारी को चयन समिति से हटाकर पत्रावलियों का निस्तारण नहीं कराया गया, तो वे मृतक आश्रितों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ नगर निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

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नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य को सौंपे गए पत्र में संगठन के जिला अध्यक्ष विजय कुमार मन्नू सहित अन्य पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि जब से संजय दीक्षित की तैनाती मुख्य नगर लेखापरीक्षक के पद पर हुई है, तब से वे ठेकेदारों, निर्माण कार्यों और कर्मचारियों की फाइलों पर अनुचित रूप से आपत्तियां लगा रहे हैं। आरोप है कि अपने कार्यालय के कर्मचारी के माध्यम से अवैध वसूली होने के बाद वे खुद ही उन आपत्तियों को हटा देते हैं। पूर्व में ठेकेदारों की फाइलें इनके पास जानी बंद होने के बाद, अब इन्होंने सेवानिवृत्त व मृतक कर्मचारियों के भुगतान और मृतक आश्रित नियुक्तियों की फाइलों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। 

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दो प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप 
महामंत्री तरुण गौतम ने बताया कि पहले जो काम बहुत कम पैसों में कराने का दबाव बनाया जाता था, अब ठेकेदारों की फाइलें न मिलने के कारण मृतक आश्रित नियुक्तियों की पत्रावलियों को पास करने के लिए मोटी रकम मांगी जा रही है। साथ ही सेवानिवृत्त और मृतक कर्मचारियों के भुगतान में से दो प्रतिशत कमीशन मांगा जा रहा है। कमीशन मिलते ही फाइल शाम तक पास हो जाती है, अन्यथा उस पर तरह-तरह की आपत्तियां लगा दी जाती हैं। 

शिष्टमंडल का आरोप है कि जब वे मृतक आश्रितों की फाइलों के संबंध में मुख्य नगर लेखापरीक्षक से वार्ता करने उनके कार्यालय पहुंचे, तो उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों के साथ अपमानजनक रवैया अपनाया। आरोप है कि अधिकारी ने अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कर्मचारियों के संदर्भ में आपत्तिजनक और जातिसूचक टिप्पणी करते हुए कहा कि वे इन श्रेणियों की पत्रावलियों की रामायण सुनने के लिए नहीं बैठे हैं।
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