छात्रों की समस्याओं का भी किया जिक्र
जिलाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया है कि घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने लगातार प्रदर्शन कर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। छात्रों का कहना था कि अस्पताल और मेडिकल कॉलेज परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है, इससे छात्राएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। उन्होंने परिसर में सुरक्षा गार्ड बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरों की प्रभावी निगरानी, संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की नियमित मौजूदगी और प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
रिपोर्ट में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी को भी शामिल किया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों तथा कॉलेज की व्यवस्थाओं में कथित कमियों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है, ताकि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या व्यवस्थागत खामी सामने आती है तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रयास
जिला प्रशासन का मानना है कि यह केवल हत्या का मामला नहीं है, बल्कि मेडिकल कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और संस्थागत प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न भी इससे जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि शासन से पूरे प्रकरण की व्यापक जांच कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और छात्र-छात्राओं का विश्वास बहाल हो।
डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि कशिश हत्याकांड के पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा को भेज दी गई है। रिपोर्ट में शासन स्तर से स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया गया है। छात्र-छात्राओं की ओर से उठाए गए सुरक्षा संबंधी सभी बिंदुओं की गंभीरता से जांच कराई जानी जरूरी है। प्रशासन पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तथा दोषी के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।