बरेली। चहक भारद्वाज जो 14 वर्ष की उम्र में अपने सटीक निशाने से खेल जगत में पहचान बनाने के साथ-साथ खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। टीबरीनाथ कॉलोनी में रहने वाली चहक ने कम उम्र में ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिताओं में कई पदक अपने नाम किए हैं। वह .22 इवेंट की विशेषज्ञ खिलाड़ी हैं और उनके पास इसके लिए आधिकारिक लाइसेंस भी है। कोच आदेश कुमार दीक्षित ने बताया कि चहक उत्तर प्रदेश और जिला स्तर पर इस इवेंट की सबसे कम उम्र की लाइसेंसधारी खिलाड़ी हैं।
कोरोना महामारी के दौरान उनके पिता आशीष भारद्वाज ने सोचा कि बेटी को कुछ ऐसा सिखाया जाए जो आगे चलकर उसकी पहचान बन सके। यहीं से चहक के शूटिंग सफर की नींव रखी गई। घर पर एक डमी गन के माध्यम से उन्होंने बेटी को लक्ष्य पर निशाना साधने की तकनीक सिखानी शुरू की। धीरे-धीरे उनका निशाना सटीक होने लगा और उनका झुकाव इस खेल की ओर बढ़ता चला गया। इसके बाद चहक ने राइफल क्लब में नियमित रूप से प्रशिक्षण लेना शुरू किया। चहक ने बताया कि भारतीय शूटर मनु भाकर को अपना प्रेरणा स्रोत मानती हैं।
प्रमुख उपलब्धियां-
वर्ष 2023 में कंबोडिया में हुए अंतरराष्ट्रीय खेलों में .22 बोर में स्वर्ण पदक।
वर्ष 2024 में नोएडा में हुए सीबीएसई प्री नेशनल में रजत पदक।
वर्ष 2022 में आगरा में हुई राष्ट्रीय क्रॉसबो शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
वर्ष 2023 में आगरा में हुई वर्ल्ड क्रॉसबो शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।