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कासगंज-बरेली रूट पर बढ़ सकती हैं इलेक्ट्रिक ट्रेनें

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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बदायूं में बने नए टीएसएस से मिलने लगी कासगंज-बरेली रूट को सप्लाई

बरेली/बदायूं। कासगंज-बरेली रेल रूट पर अब इलेक्ट्रिक इंजन से चलने वाली ट्रेनों की संख्या में इजाफा किया जा सकेगा। अब तक इस रेल रूट पर सीमित संख्या में इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनों का संचालन हो रहा था। अब इस रेल रूट को बदायूं टीएसएस (ट्रैक्शन सब स्टेशन) से जोड़ दिया गया। जिस कारण इससे भी बिजली आपूर्ति मिलने के बाद इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा सकेंगी।
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कासगंज-बरेली रेल रूट पर अब सात जोड़ी ट्रेनों का संचालन होता है। इनमें पांच जोड़ी बरेली-सिटी कासगंज, कासगंज काशीपुर और कासगंज-लालकुआं नियमित मेल स्पेशल एक्सप्रेस हैं। इसके अलावा लंबी दूरी की रामनगर-आगरा फोर्ट तीन-तीन और बांद्रा टर्मिनल-रामनगर सुपरफास्ट साप्ताहिक है।
कासगंज-बरेली रेल रूट के विद्युतीकरण का काम पिछले वर्ष पूरा होने के बाद 110 किमी की रफ्तार से इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल भी हो गया था। इसके बाद बरेली तक इलेक्ट्रिक इंजन की मालगाड़ियों का संचालन भी शुरू हो गया। बावजूद इसके कासगंज-बरेली ट्रैक को कासगंज जंक्शन के टीएसएस से आपूर्ति मिलने की वजह से सीमित संख्या में इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनों का संचालन किया जा रहा था। अब बदायूं में बने टीएसएस से भी इस रेल रूट को आपूति मिलने लगी है। जिस कारण रेल रूट पर पूरी क्षमता के साथ ट्रेनें दौड़ाई जा सकेंगी। एसएस पारस प्रवीन ने भी बचाया कि नए टीएसएस से रेल रूट को सप्लाई मिलने लगी है। यहां बता दें कि छह अक्तूबर को मुख्य संरक्षा अधिकारी अनिल मिश्रा भी रेल रूट का निरीक्षण कर संरक्षा ऑडिट कर चुके हैं।

कासगंज-बरेली रेल रूट पर नए टीएसएस से जोड़ दिया गया है। मुख्य संरक्षा अधिकारी का निरीक्षण हो चुका है। अब इस रेल रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन से चलने वाली ट्रेनों के संचालन में समस्या नहीं रहेगी। जरूरत के हिसाब से ट्रेनों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।- राजेंद्र सिंह, पीआरओ पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर रेल मंडल

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