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शहरवासियों को अब टेंशन नहीं देंगी हाईटेंशन बिजली लाइनें

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बरेली। शहरवासियों को जल्द ही बिजली की जर्जर हाईटेंशन लाइनों से निजात मिल जाएगी। तमाम घरों के ऊपर से होकर गुजर रहीं हाईटेंशन लाइनों से हर वक्त हादसे की आशंका रहती है। ये लाइनें अब तक कई लोगों की जान भी ले चुकी हैं। बिजली निगम ने अब इन लाइनों को अंडरग्राउंड करने के लिए रिवैम्प्ड योजना के तहत प्रस्ताव तैयार किया है। योजना के तहत शहर में करीब 345 किलोमीटर लंबी लाइनें पांच सालों में भूमिगत कर दी जाएंगी।
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शहर के कई मोहल्लों में घरों की छतों के ऊपर से गुजर रहीं हाइटेंशन लाइनों से हजारों की आबादी हर पल खौफ के साए में रहती है। आए दिन बिजली तार टूटने से हादसे होते रहे हैं। पिछले दिनों बारिश के दौरान हाईटेंशन लाइन का तार टूटने से दो लोगों की मौत हो गई थी। इसे देखते हुए लंबे समय से जर्जर तारों को बदलने और हाईटेंशन लाइनों को घरों के ऊपर से हटाने की मांग की जा रही है।
जिले में बिजली सप्लाई नेटवर्क सुधारने के लिए रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर योजना के तहत काम कराए जा रहे हैं। अगले पांच सालों में बिजली की मांग में होने वाली वृद्धि को देखते हुए सिस्टम में सुधार करने के प्रस्ताव तैयार कराए गए हैं। नए सबस्टेशन बनाने, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के साथ ही पुरानी लाइनों को बदलने के प्रस्ताव बनाए गए हैं।
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इसी योजना के तहत शहरी क्षेत्र में 11 हजार केवी की लाइनों के 345 किलोमीटर जर्जर तारों को बदला जाएगा। इसके लिए सभी वितरण खंडों से प्रस्ताव मंगा कर उन्हें मुख्यालय भेजा जा चुका है। प्लानिंग के तहत सिविल लाइंस, कैंट, सुभाषनगर, राजेंद्रनगर समेत सभी जगहों पर हाईटेंशन लाइनों को अंडरग्राउंड किया जाएगा।
स्मार्ट सिटी के तहत भी चल रहा काम
शहर में बिजली की जर्जर लाइनों को बदलने के लिए स्मार्ट सिटी योजना के तहत भी प्रोजेक्ट बनाया गया है। योजना के तहत नगर निगम की एबीडी योजना में शामिल छह वार्डों में फिलहाल बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड किया जाना है। यह काम चार चरणों में होगा। पहले चरण के लिए टेंडर भी जारी हो गए हैं।
हाईटेंशन लाइनों को अंडरग्राउंड करने के लिए रिवैम्प्ड योजना के तहत प्रस्ताव भेजे गए हैं। योजना के तहत शहर में करीब 345 किलोमीटर लंबी लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। स्मार्ट सिटी के तहत पहले ही कुछ जगह लाइनें अंडरग्राउंड करने का काम किया जा रहा है। - विकास सिंघल, एसई शहर
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