तीन दिन में उसका शव काफी फूल चुका था और खराब होने लगा था। पोस्टमॉर्टम में भी डूबने से मौत की पुष्टि हुई। विराट तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। परिजनों के मुताबिक उसका मानसिक विकास अन्य बच्चों की तुलना में कम था, इसलिए उसे देर से पढ़ने भेजा गया। वह पास के ही निजी स्कूल में कक्षा एक का छात्र था। उसकी मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पिता का सवाल...क्यों खुला छोड़ दिया नाला
नाले से विराट का शव निकाला गया तो पिता ने व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया। बार बार-सवाल उठाए कि किसकी गलती थी? क्यों खुला रह गया नाला? मुझे जवाब चाहिए। मैंने समझाया तो उन्होंने एसडीएम से बात की। पुलिस और प्रशासन की ओर से आर्थिक मदद और न्याय दिलाने का भरोसा दिया तो वह शांत हुए। जिम्मेदारों को भी कुछ आर्थिक मदद देनी चाहिए। मैं इस विषय में मंगलवार को नगर आयुक्त से बात करूंगा। मौजूदा पार्षद के पति और पूर्व पार्षद ने बताया कि इस बारे में चार बार लिखकर नगर निगम को दे चुके हैं। आर्थिक मदद के लिए राज्यमंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र लिखवाएंगे।
-अनिल सक्सेना, वन राज्यमंत्री के प्रतिनिधि।