योगी सेना के गौरक्षा प्रकोष्ठ ने पीएम और सीएम को किया ट्वीट, कहा- तमाम और गायें भी मरणासन्न फिर भी इलाज नहीं
नगर निगम के अफसरों ने फोटो और वीडियो को बताया फर्जी
शिकायत के बावजूद मौके पर जांच करने भी नहीं गया कोई
बरेली। नगर निगम की जिस गौशाला कान्हा उपवन में खुद मेयर उमेश गौतम ने दो साल पहले सौ से ज्यादा गायों की मौत का मामला पकड़ा था, उसी गौशाला में अब फिर आठ गायों की भूख और ठंड से मौत का दावा किया जा रहा है। राष्ट्रीय योगी सेना के गौरक्षा प्रकोष्ठ ने कान्हा उपवन में मरी पड़ी गायों के फोटो और वीडियो भी जारी किए हैं। कहा है कि गौशाला में तमाम और गायें मरणासन्न हालत में है। हालांकि नगर निगम इन फोटो और वीडियो को फर्जी बता रहा है।
राष्ट्रीय योगी सेना का दावा है कि सीबीगंज इलाके के गांव नदौसी में स्थित कान्हा उपवन में आठ गायों की मौत शुक्रवार को ही हुई है। तमाम गायों के मरणासन्न होने के साथ कई चोटिल भी हैं जिनका इलाज नहीं कराया जा रहा है। योगी सेना ने इसकी शिकायत ट्वीटर पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से भी कर दी है। दरअसल इस गौशाला की व्यवस्थाओं पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। पिछली बार खुद मेयर उमेश गौतम ने इस गौशाला में सौ से ज्यादा गायों की मौत के मामले में शासन से शिकायत की थी। इस शिकायत पर तो कुछ नहीं हुआ, उल्टे गौशाला के गेट पर एक पीआरडी जवान की तैनाती कर किसी भी व्यक्ति का यहां प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया। अब सिर्फ प्रशासन के अधिकारी और गौशाला में काम करने वाले कर्मचारी ही अंदर आते-जाते हैं।
राष्ट्रीय योगी सेना गौ रक्षा प्रकोष्ठ के जिला मंत्री हिमांशु पटेल और मीडिया प्रभारी अरुण पटेल ने बताया कि कान्हा उपवन में गायों की मौत का पता लगने पर वे वहां पहुंचे तो गेट पर पीआरडी जवान ने उन्हें काफी नोकझोंक के बाद अंदर जाने दिया। अंदर एक टिन शेड में आठ गाय मरी पड़ी थीं। कई गाय बीमार और चोटिल भी थीं। जब उन लोगों मरी, बीमार और चोटिल गायों के फोटो और वीडियो बनाने शुरू किए तो पीआरडी जवान ने मारपीट कर उनका मोबाइल छीनने का प्रयास किया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूरी गौशाला में गायों के हरे चारे की कोई व्यवस्था नहीं थी न ही ठंड से बचाव के कोई इंतजाम थे। घायल गायों को इलाज भी नहीं मिल रहा था। गेट पर नोटिस तक चस्पा कर दिया गया है कि गौशाला के अंदर फोटो खींचने वाले पर पांच सौ रुपये का जुर्माना डाला जाएगा।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी बोले- सिर्फ दो बछड़ों की मौत
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि वायरल वीडियो और फोटो फर्जी हैं। जिन फोटो में गायों को मृत बताया जा रहा है वे बीमार हैं और उनका इलाज चल रहा है। किसी गाय की मौत नहीं हुई है। सिर्फ दो बीमार बछड़ों की मौत हुई है। गोशाला में चारे या दवा की कोई कमी नहीं है। हाल में ही सीबीगंज पुलिस 21 गोवंश पकड़कर लाई थी जो यहां आपस में लड़ गए। उसमें कुछ को चोटे आईं, उन्हें अलग किया गया और उनका इलाज चल रहा है।
जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे
मुझे अभी इस बारे में जानकारी मिली है। मैंने नगर निगम के उच्चाधिकारियों को इस बारे में बता दिया है। मामले की जांच कराई जाएगी और मैं खुद कान्हा उपवन का निरीक्षण करूंगा। जांच में जो भी अधिकारी, कर्मचारी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - उमेश गौतम, मेयर
रामनगर ब्लॉक में गोवंशीय पशुओं को छोड़ने पर हंगामा, दो पशु मरे
रामनगर। गोवंशीय पशुओं को पकड़कर रामनगर ब्लॉक परिसर में छोड़ने पर हंगामा हो गया। पशु छोड़ने आए वाहन चालकों के साथ ग्राम प्रधान को ग्रामीणों ने दौड़ा दिया और वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। पुलिस ने हालात संभाले लेकिन वाहनों से उतरते समय दो गोवंश की कुएं में गिरकर मौत हो गई।
ब्योंधन खुर्द के प्रधान ने शुक्रवार देर शाम गांव में आवारा घूम रहे पशुओं को पकड़वाकर पिकअप और ट्रालियों में ठसाठस भर लिया और उन्हें लाकर रामनगर ब्लॉक परिसर में छोड़ने लगे। रामनगर के लोग यह देखकर भड़क गए। उन्होंने पशुओं को भरकर लाए वाहन चालकों और प्रधान को दौड़ा दिया। इस दौरान दो गायें वहां पास ही मौजूद कुएं में गिर र्गइं और उनकी मौके पर मौत हो गई। लोगों ने रामनगर चौकी पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पहुंचकर लोगों को शांत कर आला अधिकारियों को जानकारी दी। ग्राम प्रधान देवेंद्र का कहना है कि खंड विकास अधिकारी और सचिव के कहने पर वह पशुओं को वाहनों में भरकर लाए थे।
केंद्रीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के विशेष सदस्य जयप्रकाश सक्सेना ने बताया कि उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। शनिवार को वह खुद जांच करेंगे। एसडीएम आंवला नैनेराम का कहना है कि पशुओं को क्रूरता से भरकर लाने और ब्लाक परिसर में छोड़ने का मामला संज्ञान में आया है। इसमें लिप्त लोगों पर कार्रवाई कराई जाएगी।