बरेली। एडमिशन के दौरान भारांक का लाभ पाने के लिए लगाए गए फर्जी खेल प्रमाणपत्रों की जांच अधर में फंस गई है। बरेली कॉलेज ने सैकड़ों प्रमाणपत्र जांच के लिए क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी को भेजे थे, जिनमें से अधिकांश विभिन्न खेल संघों से संबंधित थे। उन्होंने इन प्रमाणपत्रों को खेल के अनुसार अलग-अलग करके संबंधित संघ को भेजने की बात कहते हुए बरेली कॉलेज को लौटा दिए हैं।
पिछले दिनों बरेली कॉलेज में एडमिशन प्रक्रिया के दौरान फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर भारांक पाने का मामला सामने आया था। मामला उछला तो बरेली कॉलेज प्रशासन ने इन प्रमाण पत्रों की जांच शुरू करा दी। सारे प्रमाणपत्र संबंधित विभागों को जांच के लिए भेज दिए गए। इनमें से दिव्यांग प्रमाणपत्र वाले नौ सर्टिफिकेट सीएमओ ने तुरंत ही फर्जी करार दे दिए थे। अब इनका एडमिशन निरस्त कराने की तैयारी चल रही है। वहीं खेल के सैकड़ों प्रमाणपत्र जांच के लिए क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी विजय कुमार को भेजे गए। मगर उन्होंने यह प्रमाणपत्र बरेली कॉलेज को लौटा दिए। उन्होंने बरेली कॉलेज प्रशासन से कहा है कि प्रमाणपत्र अलग-अलग खेल संघ ने जारी किए हैं। इन प्रमाणपत्रों को उन्हीं संघ को भेजकर जांच कराई जाए। मगर बरेली कॉलेज ने कई दिन बीतने के बावजूद यह प्रमाणपत्र अलग करके खेल संघों को को नहीं भेजे हैं, जिसके चलते इनकी जांच लटक गई है।
बरेली कॉलेज ने अलग-अलग खेल संघ के तमाम सर्टिफिकेट भेजे थे। इनकी जांच भी संबंधित खेल संघ ही कर सकता है इसलिए प्रमाणपत्र बरेली कॉलेज को लौटा दिए गए हैं। - विजय कुमार, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी