बरेली। जिले के रजिस्ट्री कार्यालयों से सरकार को सालाना करीब 838 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। इसके बावजूद इन कार्यालयों में आने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। शुक्रवार को की गई पड़ताल में यह हकीकत सामने आई। भूमि की खरीद-फरोख्त के लिए आने वाले लोगों के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था तक नहीं मिली। उन्हें सीढ़ियों पर बैठकर इंतजार करना पड़ा। दीवारों पर पान की पीक और परिसर में जलभराव भी दिखा।
जिले की छह तहसीलों में रोज बड़ी संख्या में लोग रजिस्ट्री कराने के लिए पहुंचते हैं। सदर तहसील में दोपहर दो से तीन बजे के बीच प्रथम तल व द्वितीय तल के बरामदे में भीड़ रही। कार्यालय के अंदर के हिस्से में भी फोटो खिंचाने के लिए भीड़ रही। कई क्रेता-विक्रेता कुर्सियां न होने के कारण खड़े रहने के लिए मजबूर थे। परिसर में लगा वाटर कूलर बंद पड़ा था। चालू वाटर कूलर में पान मसाला थूका गया था। इससे लोग पानी पीने से बच रहे थे।
शौचालय भी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में मिले। मुख्य प्रवेश द्वार पर लोहे के गेट के दोनों किनारे पर पान मसाला और पान की पीक के निशान थे। सीढि़यों पर गंदगी मिली। फरीदपुर के रजिस्ट्री कार्यालय में महिलाओं और पुरुषों के लिए एक ही शौचालय है। मुख्य प्रवेश द्वार पर गंदगी भी मिली।
परिसर में जलभराव
सदर तहसील स्थित कार्यालय परिसर में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इससे वहां आने वाले क्रेताओं-विक्रेताओं व अधिवक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सफाई न होने के कारण कूड़े का अंबार लगा मिला। परिसर में घास भी उग आई हैं।
सड़क पर पार्किंग से लगता है जाम
सदर तहसील स्थित कार्यालय के मुख्य गेट से लेकर पीछे की गली में बाइकें खड़ी होती हैं। इससे मुख्य सड़क पर दिनभर जाम लगा रहता है। यहां एक साथ दो कारें नहीं निकल सकती हैं। कई अधिकारी इधर से निकलते हैं, लेकिन इस अव्यवस्था की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता।
वर्जन
समस्या संज्ञान में हैं। लोगों की सुविधाओं को लेकर जल्द प्रस्ताव तैयार करके मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। जल्द ही इसका निस्तारण करा दिया जाएगा। - पूनम सिंह, सहायक महानिरीक्षक स्टांप