पीलीभीत बाईपास पर मंगलवार दोपहर फीनिक्स मॉल के पास नशे में धुत एक ट्रक चालक ने एक-एक कर कई वाहनों को टक्कर मारते हुए सवारियों से भरे एक टेंपो को रौंद डाला। इस भीषण हादसे में टेंपो चालक समेत आठ लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो मासूम सगे भाइयों समेत एक ही परिवार के पांच लोग शामिल हैं जो नवाबगंज के माधौपुर अटरिया गांव से चंदौसी (संभल) के गांव जलालपुर में भात लेकर जा रहे थे। दो मृतकों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। दस से अधिक घायल हैं, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। ट्रक चालक को भीड़ ने पकड़ लिया था और पिटाई करने के बाद पुलिस को सौंपा था। इस बीच भीड़ ने ट्रक पर पथराव भी किया और आग लगाने की कोशिश की, मगर समय से पुलिस के पहुंचने के कारण आगजनी बच गई। ट्रक चालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ इज्जतनगर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।
यह दर्दनाक हादसा मंगलवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे हुआ। फरीदपुर के गांव अहान निवासी ट्रक चालक भूरे सिंह नशे में धुत था। वह गंगापुर इलाके से सरिया भरने जा रहा था। पीलीभीत रोड पहुंचने पर उसने ट्रक को लहराना शुरू कर दिया। क्लीनर रंजीत सिंह ने उसे रोकने की कोशिश भी की, लेकिन उसने नहीं सुनी। ट्रक सौ फुटा तिराहे से पीलीभीत बाईपास की ओर बढ़ा तो कोने में खड़े तांगे में टक्कर मार दी, जिससे बानखाना निवासी तांगा चालक अख्तर और फल दुकानदार नसीम घायल हो गए। कुछ दूर और चलने के बाद ट्रक ने आगे चल रही वैगन आर कार में टक्कर मार दी। कार अपने आगे चल रहे ट्रैक्टर की ट्रॉली से भिड़ कर सड़क किनारे हो गई। इस तरह मढ़ीनाथ (सुभाषनगर) निवासी रिटायर्ड सहायक ड्रग कंट्रोलर अवधेश कुमार मिश्रा और उनकी पत्नी शारदा मिश्रा की जान बच गई। तभी ट्रैक्टर ट्रॉली की साइड से आए टेंपो को ट्रक ने रौंद डाला।
इस टेंपो में नवाबगंज के माधौपुर अटरिया गांव के शमशुल उर्फ शमसू (70) परिवार के साथ बहजोई (संभल) के गांव जलालपुर में अपनी नातिन की शादी काभात लेकर जा रहे थे। जंक्शन से उन्हें ट्रेन पकड़नी थी। वहां शमसू की बेटी अफसरी की बेटी शबीना की शादी है। टेंपो में शमसू के साथ उनके बेटे फरजंद (42) उनकी पत्नी फरजाना (40), फरजंद का बेटा फैजान (8) और समीर (10), शमसू का दूसरा बेटा शमशाद (45), उनकी पत्नी नाजरा बेगम (42), भतीजा रहमान खां, महमूद खां, पौत्र हलीम खां (18) पुत्र सुलेमान और उवैश (8) पुत्र शमशाद समेत तेरह लोग सवार थे। ट्रक ने टेपों में इतनी जोर से टक्कर मारी कि उसके परखच्चे उड़ गए। हादसे में टेंपो चालक कृष्णपाल (35) के अलावा फैजान और उसके भाई समीर, उनके दादा शमसू, चाची नाजरा की मौत मौके पर ही हो गई। फरजंद के तीसरे बेटे सात वर्षीय जीशान की हालत नाजुक बनी हुई है, उसे वेंटीलेटर पर रखा गया है। रीजनल कॉलेज के छात्रों ने आसपास के लोगों की मदद से टेंपो से घायलों को निकलवा कर पड़ोस के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से घायलों को दूसरे अस्पतालों को भेज दिया गया।
सूचना पर एसपी सिटी समीर सौरभ, एडीएम सिटी आलोक कुमार के अलावा सीओ तृतीय आकाश तोमर समेत भारी फोर्स पहुंच गई। टेंपो में फंसे शवों को पुलिस की मदद से बमुश्किल निकालने के बाद जिला अस्पताल भिजवाया गया। इंस्पेक्टर रामगोपाल शर्मा ने बताया अन्य तीन मृतकों में शामिल एक व्यक्ति की पहचान नवाबगंज के गांव जिगनिया भगवंतापुर निवासी सुरेश (42) के रूप में हो गई है, दो की शिनाख्त होना रह गया है। सभी आठ मृतकों का मंगलवार रात को ही पोस्टमार्टम कराया गया।