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UP News: डॉक्टर ने बता दिया था ब्रेन डेड , सड़क के गड्ढे ने लौटा दीं सांसें, विनीता को मिली नई जिंदगी

Wed, 11 Mar 2026 01:25 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ब्रेन डेड घोषित महिला की सांसें एक झटके से लौट आईं। दरअसल परिजन एंबुलेंस से उन्हें वापस ले जा रहे थे। सड़क पर गड्ढे के कारण एंबुलेंस में झटका लगा, जिससे महिला की सांसें चलने लगीं।  
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विनीता शुक्ला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के एक निजी अस्पताल से ब्रेन डेड घोषित पीलीभीत शहर निवासी 50 वर्षीय विनीता शुक्ला की सांसें सड़क के गड्ढों के कारण लगे झटके से लौट आईं। उन्हें एंबुलेंस से वापस घर लाया जा रहा था। सांसें लौटने से परिजनों के रोते-बिलखते चेहरे खिल उठे। विनीता को आनन-फानन शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब 13 दिन उपचार के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। परिजन इसे भगवान का चमत्कार मान रहे हैं।

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विनीता जिला न्यायालय में वरिष्ठ सहायक पद पर कार्यरत हैं। 22 फरवरी को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और वह बेहोश होकर गिर गई थीं। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने बरेली रेफर कर दिया। परिजनों ने उन्हें वहां के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। विनीता के पति कुलदीप शुक्ला ने बताया कि चिकित्सक ने सांस न आने, शरीर में प्रतिक्रिया न होने और आंखों की पुतलियां फैल जाने की बात कहकर वापस ले जाने को कहा। इसके बाद 24 फरवरी को ब्रेन डेड बताकर विनीता शुक्ला को वेंटिलेटर से हटा दिया गया। 

एक झटके में लौट आईं सांसें 
परिजन उसी दिन विनीता को लेकर पीलीभीत आ रहे थे। सुबह करीब 10 बजे पीलीभीत-बरेली मार्ग पर हाफिजगंज के समीप निर्माणाधीन ओवरब्रिज के करीब एंबुलेंस का पहिया गड्ढे में चला गया। तेज झटका लगने से विनीता के शरीर में हलचल हुई और उनकी सांसें चलने लगीं। परिजन उन्हें लेकर शहर के एक निजी अस्पताल पहुंचे। वहां न्यूरो चिकित्सक ने उनका इलाज किया। यहां उन्हें सामान्य तरीके से ही भर्ती किया गया। करीब 13 दिन बाद विनीता ठीक होकर घर पहुंच गईं। पति कुलदीप शुक्ला इस घटनाक्रम को भगवान का चमत्कार मानते हैं। 
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अंतिम संस्कार की चल रही थी तैयारी 
दरअसल घर में अंतिम संस्कार की तैयारी हो रही थीं। कुलदीप शुक्ला ने बताया कि पैतृक घर पुवायां, घुंघचाई और अन्य स्थानों से रिश्तेदार घर आ गए थे। मगर, होनी को कुछ और ही मंजूर था। गड्ढे के झटके ने उदासी के माहौल में खुशियों की बहार लौटा दी।


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