दो दिन पहले हो गई थी तीनों की मौत
रविवार को भी तीनों शवों का पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका। मामले की शुरुआती जांच में पता चला है कि इनकी मौत दो दिन पहले ही हो गई थी। शव सड़ने शुरू हो गए थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि तीनों के शरीर पर चोट के निशान नहीं हैं। ऐसे में आशंका है कि इनकी दम घुटने या फिर दूषित खाना खाने से मौत हुई होगी।
15 दिन पहले छोटे भाई को बुलाया था
सोनू को पता नहीं था कि मौत उसे दिल्ली खींचकर ले आई है। 15 दिन पहले ही काम का दबाव होने के कारण अमित ने उसे सोनीपत से दिल्ली बुलाया था। अमित के बड़े भाई राजन राजपूत ने बताया कि उनका परिवार मूल रूप से भुता का रहने वाला है। परिवार में पिता आशाराम, मां मुसा देवी और एक बहन लक्ष्मी है। लक्ष्मी अपने परिवार के साथ सोनीपत में रहती है। सोनू उसी के साथ ही रहता था।
मोहल्ले के ही अमित व सोनू कश्यप दिल्ली में छोले भटूरे का काम करते थे। वही लोग बब्बन को साथ ले गए थे। अमित व सोनू के चाचा राधे ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में शव रखे हैं। वहां स्टाफ ही नहीं है।
सोमवार को पोस्टमॉर्टम से हकीकत पता लगेगी। राधे ने कहा कि दिल्ली पुलिस भ्रामक बातें कर रही है। मामले को हादसा बनाना चाहती है। उन्होंने साजिश की आशंका जताते हुए कहा कि मामला हत्या का भी हो सकता है। वह सोमवार को अधिकारियों से शिकायत भी करेंगे।