कपड़ों की दुकान पर रखा दावत-ए-इस्लामी का चंदे का बॉक्स।
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पाकिस्तानी संगठन दावत-ए-इस्लामी के बारे में पुलिस और खुफिया विभाग की छानबीन में कई नई जानकारी मिली हैं। पता चला है कि दावत-ए-इस्लामी के नाम पर तमाम जिलों में इकट्ठा होने वाला चंदा मुंबई भेजा जाता है। पुलिस और खुफिया विभाग अब इस संगठन के जिम्मेदार लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहा है। कुछ लोगों को चिन्हित भी किया गया है।
पीलीभीत के शहर काजी जरताब रजा के दावत-ए-इस्लामी के पूरे मंडल भर से हर महीने लाखों का चंदा इकट्ठा करने पर सवाल उठाए थे और चंदे की रकम का इस्तेमाल देशविरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल होने की आशंका जताई थी। इसके बाद पुलिस छानबीन में जुटी हुई है। पुलिस और खुफिया विभाग दावत-ए-इस्लामी के जिम्मेदारों और मदरसों के बारे में जानकारी जुटा रहा है। अब तक तीन मदरसे चिन्हित किए गए हैं जिनमें दो बारादरी और एक बिथरी चैनपुर इलाके में चल रहा है। मदरसों में क्या पढ़ाया जा रहा है और उनके लिए कहां से कितना फंड जुटाया जा रहा है, इसका भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दावत-ए-इस्लामी का हेड ऑफिस मुंबई में फैजाने मदीना के नाम से है। पूरे देश से इकट्ठे होने वाले चंदे की रकम यहीं पहुंचती है। जिलों में इस हेड ऑफिस को रकम भेजने वाले कौन लोग हैं, उनका पता लगाने की कोशिश हो रही है। हालांकि पुलिस अभी आधिकारिक तौर पर कुछ कहने से बच रही है मगर पूरी छानबीन पर उच्च अधिकारी नजर जमाए हुए है। शासन से भी निगरानी की जा रही है।
एक मदरसा जनाना भी
जिले में जो तीन मदरसे सामने आए हैं, उनमें एक मदरसा जनाना भी है जो डेढ़ साल पहले ही खुला है। यह बारादरी क्षेत्र में स्थित दो मदरसों मे से एक है। इस मदरसे के बारे में भी छानबीन की जा रही है। खासतौर से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इस मदरसे में बच्चों को क्या शिक्षा दी जा रही है।