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सरकारी अस्पतालों में नौकरी के नाम पर युवाओं से फिर करोड़ों की ठगी

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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दिल्ली और बागपत के ठगों ने अटेंडेट पद पर नियुक्ति का झांसा देकर वसूले छह-छह लाख, अब फरार
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दिल्ली के गुरु तेगबहादुर अस्पतालों में मेडिकल कराकर दिए फर्जी नियुक्तिपत्र और आईडी कार्ड

बरेली। सरकारी नौकरी के चक्कर में बेरोजगार युवा लगातार ठगी के शिकार हो रहे हैं। अब सरकारी अस्पतालों में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से करोड़ों की ठगी का एक और मामला सामने आया है। इस मामले में दिल्ली में भजनपुरा इलाके के मूंगानगर में रहने वाले दीपक तोमर, बागपत के संदीप कुमार उर्फ संजय गुर्जर और राजेश कुमार के खिलाफ थाना बारादरी में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
बारादरी के नवादा शेखान में रहने वाले रामभरोसे ने ठगी के इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रामभरोसे के मुताबिक छह-सात महीने पहले वह किसी काम से दिल्ली गए थे जहां उनके एक परिचित ने दीपक कुमार तोमर से उनकी मुलाकात कराई थी। दीपक ने खुद को एनएबीएच (नेशनल एक्रिडिएशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल एंड हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स) का अधिकारी बताया। कहा, उसकी संस्था सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के अटेंडेंट के पद पर सरकारी नौकरी लगवाती है। आठ लाख रुपये खर्च करने पर वह उनके बेटे अनिल की नौकरी लगवा सकता है। उन्हें भरोसे में लेने के लिए दीपक ने उन्हें अपने साथी संदीप और राजेश से भी मिलवाया।
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रामभरोसे के मुताबिक उन्होंने अपने बेटे अनिल के लिए छह लाख और भतीजे पंकज के लिए आठ लाख रुपये आरोपियों को दिए। कुछ रकम आरोपियों के खाते में ट्रांसफर भी की। इसके बाद उनके परिचित सतेंद्र सिंह, रंजीत सिंह और सुमन देवी ने भी नौकरी के लिए आरोपियों को छह-छह लाख रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपी उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र देकर फरार हो गए। इस मामले में एसएसपी से शिकायत के बाद आरोपियों के खिलाफ रविवार को थाना बारादरी में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।

ट्रेनिंग के नाम पर 21 दिन कटवाए दिल्ली के अस्पतालों के चक्कर

रकम लेने के बाद आरोपियों ने दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में उन लोगों के मेडिकल कराकर 21 दिन की ट्रेनिंग कराने की बात कही। रामभरोसे ने बताया कि इन पांचों लोगों के साथ एक बस से तमाम युवाओं को दिल्ली के सफदरजंग, हिंदू राव और महावीर अस्पताल ले जाया जाता था जहां उन्हें वेटिंग रूम में बैठाकर एक रजिस्टर पर साइन कराकर लौटा दिया जाता था। युवाओं से कहा जाता था कि ट्रेनिंग सिर्फ औपचारिकता है, अटेंडेंट को डॉक्टर के कहने पर सिर्फ मरीज को बुलाने का काम करना है।

ज्वाइनिंग के लिए जिला अस्पताल पहुंचे तो हुआ ठगी का खुलासा

युवाओं से लाखों रुपये झटकने और उन्हें 21 दिन दिल्ली के चक्कर कटवाने के बाद आरोपियों ने इन युवाओं के घर डाक से फर्जी नियुक्तिपत्र भी भिजवा दिए। पंकज और सतेंद्र के तो आईडी कार्ड भी पहुंच गए। दोनों की नियुक्ति बरेली के जिला अस्पताल में बताई गई। जब वे लोग ज्वाइन करने पहुंचे तो वहां उनके आईडी कार्ड और नियुक्ति पत्र सब फर्जी बता दिए। इसके बाद उन लोगों ने आरोपियों से संपर्क करना चाहा तो उन्होंने फोन ही रिसीव नहीं किया। एकाध बार फोन उठाया तो उन्हें जान से मारने की धमकी देकर काट दिया। उन लोगों ने दिल्ली में साथ रहे दूसरे युवाओं से बात की तो पता चला कि आरोपी 50 से ज्यादा लोगों से करोड़ों की ठगी करके फरार हो गए हैं।
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