जिले में पहले भी हो चुकी है घटनाएं
जिले में मगरमच्छ के हमले की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। निघासन क्षेत्र में 26 सितंबर को दुलहीपुरवा गांव निवासी जयपाल विश्वकर्मा की 18 वर्षीय पुत्री कामिनी गांव के सामने शारदा नहर के किनारे बकरी चरा रही थी। उसी समय मगरमच्छ युवती को नहर में खींच ले गया था। उसका कोई पता नहीं चला था। मगरमच्छ के हमले में सबसे ज्यादा मौतें निघासन तहसील क्षेत्र में हुई हैं। यहां पिछले पांच साल में छह लोगों की मौत हो चुकी है। कई पशु भी मगरमच्छ का निवाला बने हैं।