दोनों को ही धोखा दे रहा था पप्पू
अब तक की हरकतें और ऑडियो रिकॉर्डिंग पर गौर करें तो पता लगता है कि पप्पू गिरधारी अपनी पत्नी रेखा आर्या व प्रेमिका दोनों को ही धोखा दे रहा था। वह दोनों का हमदर्द बनने की कोशिश कर रहा था और उन्हें एक तरफ फंसाकर दूसरी ओर से खुद ही राहत दिलाने का नाटक कर रहा था। यही वजह रही कि युवती अब तक जेल में है। देहरादून पुलिस कई बार बरेली जेल में आकर उससे पूछताछ कर चुकी है। सूत्र बताते हैं कि उसी के जरिये मिले इनपुट से पप्पू गिरधारी की गिरफ्तारी संभव हो सकी है।
जैन दंपती हत्याकांड में भी है आरोपी
बरेली पुलिस को पप्पू गिरधारी के नाम 39 मुकदमों का रिकॉर्ड मिला है। चर्चित जैन दंपती हत्याकांड में अब भी सुनवाई चल रही है। एडीजे-10 कोर्ट में चार नवंबर को मामले की सुनवाई हुई थी। इसमें पप्पू के वकील की ओर से हाजिरी माफी की अर्जी दे दी गई। हालांकि, इस मामले में राहत के लिए पप्पू व अन्य आरोपियों ने पहले हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। वहां पत्रावली लंबित हुई तो सुप्रीम कोर्ट में भी अर्जी डाली है।
कोर्ट से गुम हो गई थी जैन दंपती हत्याकांड की पत्रावली
35 साल पहले शहर के सिविल लाइंस स्थित आवास पर नरेश जैन और उनकी पत्नी पुष्पा जैन की गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी। दंपती की बेटी ने इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें पप्पू गिरधारी व बदायूं निवासी महिला समेत 12 लोग आरोपी बनाए गए थे। बाद में कुछ नाम बढ़ाए भी गए थे। कोरोना काल में पप्पू के कोर्ट में हाजिर न होने पर वारंट भी जारी हुआ था।
पप्पू की ओर से केस को अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत से किसी अन्य कोर्ट में स्थानांतरित करने के लिए जिला जज की अदालत में अर्जी लगाई गई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान जैन दंपती हत्याकांड की पत्रावली वर्ष 2013 में गुम हो गई। इसके बाद जिला जज के आदेश पर पत्रावली दोबारा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसमें कहा गया कि मुकदमे से जुड़े वादी और आरोपी पक्ष के पास जो भी दस्तावेज उपलब्ध हों, वे कोर्ट को उपलब्ध करा दिए जाएं।
बरेली के एएसपी शिवम आशुतोष ने बताया कि पप्पू गिरधारी बारादरी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मीडिया के जरिये ही मिली है। देहरादून पुलिस विवेचना कर रही है। बरेली पुलिस से किसी तरह की मदद मांगी जाएगी तो जरूर करेंगे।