फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीए और बीएड की फर्जी डिग्री से पा ली नौकरी

Thu, 14 Jan 2016 01:58 AM IST
बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। नवाबगंज के बढ़ेपुरा में राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अंग्रेजी की सहायक अध्यापक श्वेता सक्सेना ने बीए और बीएडी की फर्जी डिग्री लगाकर शिक्षिका की नौकरी पा ली। पूरा खेल मेरिट बढ़ाने के लिए अंकों में हेरफेर करने के लिए किया गया। मामले का खुलासा होने पर  संयुक्त शिक्षा निदेशक की तहरीर पर बारादरी थाने में शिक्षिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन

एमजेपी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी से कराए गए सत्यापन में श्वेता सक्सेना की बीए और बीएड की मार्कशीटें फर्जी पाई गई हैं। यूनिवर्सिटी के सत्यापन में पाया गया कि उनकी मार्कशीटों में वास्तविक अंकों से दोगुने से अधिक नंबर बढ़ाए गए। इसके लिए हूबहू असली जैसी मार्कशीटें और डिग्रियां बनवा ली गईं। इनके आधार पर बनाई गई मेरिट से वह एलटी ग्रेड में अंग्रेजी शिक्षिका की नौकरी पाने में कामयाब हो गईं। उनकी नियुक्ति शाहजहांपुर जनपद के ककराला स्थित राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हुई थी लेकिन उनके अनुरोध पर नियुक्ति को संशोधित करके बढ़ेपुरा विद्यालय में कर दिया गया। यहां उन्होंने जुलाई 2015 से ज्वाइनिंग ले ली थी।


ऐसा किया मार्कशीट में खेल
संयुक्त शिक्षा निदेशक शिवप्रकाश द्विवेदी के मुताबिक, रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के गोपनीय अनुभाग की ओर से बताया गया कि श्वेता ने बरेली कॉलेज से स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा 1998 में अनुक्रमांक संख्या 611092 से 148/400 अंकों के साथ उत्तीर्ण की। स्नातक द्वितीय वर्ष की परीक्षा वर्ष 1999 में एनकेबीएमजी कॉलेज चंदौसी से अनुक्रमांक 206321 से 190/400 अंकों से उत्तीर्ण की थी। जबकि श्वेता की ओर से नियुक्ति के लिए जो अंकतालिकाएं प्रस्तुत की गईं हैं उनमें बीए प्रथम वर्ष में 358/400 और द्वितीय वर्ष में 357/400 अंक हैं। बीएड की मार्कशीट में भी ऐसे ही अंक बढ़ाए गए हैं।
विज्ञापन


यूनिवर्सिटी ने फर्जी डिग्री सत्यापित की
श्वेता के प्रमाण पत्रों की जांच रुहेलखंड यूनिवर्सिटी से तीन बार कराई गई। पहली बार कराए गए सत्यापन में यूनिवर्सिटी की ओर से संयुक्त शिक्षा निदेशक बरेली मंडल को जारी एक पत्र में उनके सारे प्रमाण पत्र सही दर्शाए गए। इसके आधार पर ही उनका वेतन जारी कर दिया गया। इसी बीच मुरादाबाद मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक ने भी यूनिवर्सिटी को श्वेता के प्रमाण पत्रों का सत्यापन के लिए लिखा था, उनका मुरादाबाद की मेरिट में भी चयन हो गया। यूनिवर्सिटी ने वहां भेजे सत्यापन में मार्कशीट फर्जी दर्शा दीं। चूंकि बरेली में श्वेता का चयन हो गया इसलिए वहां से बरेली के संयुक्त शिक्षा निदेशक को वह सत्यापन रिपोर्ट भेज दी गई। इसे देखकर जेडी चौंक गए। उन्होंने नए सिरे से यूनिवर्सिटी को फिर पत्र लिखकर पूछा कि दोनों में कौन सा सत्यापन ठीक है। कुलसचिव ने सच्चाई बता दी तो सारी बात सामने आ गई। जाहिर है कि यूनिवर्सिटी में भी फर्जी प्रमाण पत्रों को सही दर्शाने का खेल कराया गया और भी कई शिक्षकों के मामले में ऐसा होने का अनुमान लगाया गया है।


अब तक पकड़े जा चुके हैं 28 मामले
बरेली मंडल के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों में श्वेता की फर्जी मार्कशीट का यह 28 वां मामला है। अब तक 27 शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए जा चुके हैं। इनके खिलाफ संयुक्त शिक्षा निदेशक मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दे चुके हैं। मंडल के राजकीय विद्यालयों में एलटी ग्रेड में 147 पुरुष और 118 महिला शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। इनमें भी आधों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन अभी तक नहीं हो सका है। अनुमान है कि कुछ शिक्षकों के प्रमाण पत्र और भी फर्जी मिल सकते हैं।

श्वेता ने कार्यभार ग्रहण करते समय शपथ पत्र दिया था कि उसकी डिग्री, जाति प्रमाण पत्र आदि किसी भी प्रमाण पत्र में भिन्नता पाई जीती तो उनकी नियुक्ति को निरस्त कर दिया जाए। इसी आधार पर अब उनकी नियुक्ति भी निरस्त की जाएगी और वेतन की रिकवरी भी होगी।
विज्ञापन

-शिव प्रकाश द्विवेदी, संयुक्त शिक्षा निदेशक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें