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छह मौतों के जिम्मेदार दो सुपरवाइजर गिरफ्तार

Wed, 01 Aug 2018 01:09 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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एयरटेल कंपनी का फाइबर ऑप्टिकल केबल डालने के दौरान मिट्टी धंसने से छह मजदूरों की मौत के मामले में बारादरी थाना पुलिस ने काम करा रही विद्या टेलीलिंक कंपनी के दो सुपरवाइजरों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ रुहेलखंड चौकी प्रभारी संजीव शर्मा की ओर से गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गिरफ्तार सुपरवाइजर मध्यप्रदेश के भिंड जिला अंतर्गत थाना लाहर के गांव रूहानी सिंह पूरा निवासी धीर सिंह और इटावा के थाना उस्राहार के गांव सुतिवानी निवासी अंशुल कुमार हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये लोग सुरक्षा मानकों को अनदेखी करके ज्यादा गहरा गड्ढा खुदवाकर काम करा रहे थे। इसकी वजह से ही हादसा हुआ। बुधवार को इन्हें जेल भेजा जाएगा।
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आरोपी बोले, पीडब्ल्यूडी से ली थी अनुमति
थाने में मौजूद धीर सिंह और अंशुल ने बताया कि उन्होंने ओफसी केबल बिछाने के लिए पीडब्ल्यूडी से खुदाई की अनुमति ली थी। उन्हें पीलीभीत बाईपास पर हरूनगला से अयूब खां चौराहे तक केबल डालनी थी। इसके दस्तावेज भी पुलिस को दे दिए हैं लेकिन इंस्पेक्टर बारादरी सतीश कुमार ने ऐसा कोई दस्तावेज मिलने से इंकार किया है।






 
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छह मजदूरों के शवों का हुआ पोस्टमार्टम, तीन घायलों की हालत स्थिर

हादसे के बाद मंगलवार सुबह सभी छह मजदूरों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। थाना बारादरी से छह सब इंस्पेक्टरों को लगाकर पंचनामा भरवाए गए। पोस्टमार्टम हाउस पर प्रशासनिक अफसर व्यवस्था बनाने में लगे रहे। पोस्टमार्टम के बाद शवों को पश्चिम बंगाल भेजने का इंतजाम कराया गया।
सोमवार रात पीलीभीत बाईपास पर फहम लॉन के पास मिट्टी धंसने से गड्ढे में फंसकर पश्चिम बंगाल में जिला उत्तरी दीनाजपुर के गांव राड़गज इल्गिया निवासी निजामुद्दीन उर्फ हब्बू पुत्र रियाजुद्दीन, महरुल पुत्र पालानुसेख, नजबुल पुत्र सादिक, गांव पारु पजुल निवासी कौसर पुत्र मकबूल, नाजिम पुत्र माफिल और गांव बारिमुल निवासी हसन की मौत हो गई थी। इसके अलावा रज्जाक अली, मुजफ्फर अली और कुर्बान अली घायल हो गए थे। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड, पुलिस और नगर निगम की टीम ने सभी को गड्ढे से निकाला था। घटना की सूचना मिलने पर दिल्ली से मजदूरों के कुछ रिश्तेदार मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच गए। पीड़ितों की मदद के लिए प्रशासन और पुलिस के अफसर भी पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद रहे। शाम पांच बजे पोस्टमार्टम के बाद सभी शवों को पश्चिम बंगाल भेजा गया। अस्पताल में भर्ती तीनों घायलों की हालत स्थिर है।

सीएमएस पहुंचे पोस्टमार्टम हाउस
सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता और एसीएमओ डॉ. राजीव भी पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। उनकी निगरानी में डॉ. संजय ने पोस्टमार्टम किए। पंचनामा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोपहर एक बजे से पोस्टमार्टम होने शुरू हुए और शाम पांच बजे तक किए गए।
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दो साथियों को बचाने में गई छह मजदूरों की जान

बरेली। बारादरी थाने में पुलिस हिरासत में मौजूद सुपरवाइजर धीर सिंह और अंशुल हादसे को लेकर अपना बचाव करते नजर आए। बोले- उस वक्त दो मजदूर गड्ढे में काम कर रहे थे, तभी कुछ मिट्टी ढह गई। उन्हें बचाने के लिए बाकी मजदूर गड्ढे में कूदे तो फिर बड़ी ढांग ढह गई। इसके चलते 10 मजदूर गड्ढे में फंस गए और इतना बड़ा हादसा हो गया। सुपरवाइजरों के मुताबिक, जिस जगह हादसा हुआ है, वहां से एक अन्य मोबाइल कंपनी की भी ओफसी गुजर रही है। ड्रिलिंग के दौरान हमारी केबल उसमें उलझ गई थी। लिहाजा केबल को काटकर सही करने का काम चल रहा था। इसके लिए सिर्फ दो मजदूर गड्ढे में उतारे गए थे। वे केबल का कवर पाइप काट रहे थे। इसी बीच कुछ मिट्टी धंसी और वे उसमें फंस गए। यह देखकर वहां मौजूद सभी लोगों के हाथ-पांव फूल गए। गड्ढे में फंसे साथियों को बचाने के लिए अन्य मजदूर गड्ढे में कूद पड़े। इससे बहुत सारी मिट्टी ऊपर से गिर पड़ी और सभी उसमें फंस गए।
 
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