छुट्टी के दौरान उसने कॉलेज में हो रहे भेदभाव की शिकायत भी की थी। उन्हें इस बात का जरा भी आभास नहीं था कि उनकी बेटी हॉस्टल पहुंच कर इतना बड़ा कदम उठा लेगी।
परिजनों के अनुसार अन्य छात्राओं को समय पर और बेटी को देरी से छुट्टी मिलने से वह आहत थी। इसकी वजह से उसने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठा लिया है। उधर, पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार शर्मा का कहना है कि छात्रा के परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है। छुट्टी न मिलने के बयान पर भी जांच जारी है।
पुलिस मौत के पीछे की हर वजह को खंगाल रही है। पूरे मामले में पारदर्शिता के साथ काम होगा। परिजनों के आरोप सही पाए गए तो कुछ और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
मुुरारी लाल नर्सिंग कॉलेज के निदेशक अंकित गुप्ता ने बताया कि सोमवार रात करीब 11 बजे प्रथम वर्ष की छात्रा हॉस्टल की पांचवीं मंजिल से नीचे गिर गई। इससे उसकी मौत हो गई।
छात्रा के साथ सामान्य व्यवहार किया जा रहा था और नर्सिंग काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के मुताबिक ही छुट्टियां दी जा रही थीं। उन्होंने बताया कि वे इस मामले की जांच में पूरा सहयोग करेंगे। छात्रा की माता ने बताया कि उनकी बेटी की मौत कॉलेज प्रबंधन के अनावश्यक दबाव की वजह से हुई है।
भविष्य में किसी दूसरी छात्रा के साथ ऐसा न हो, इसलिए पुलिस व प्रशासन को कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि छात्रा ने उन्हें कॉलेज में प्रताडि़त किए जाने के बारे में बताया था।