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भोजीपुरा कांड - गनीमत रही कि लकी ट्रेन की चपेट में नहीं आया

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फोटो - बच्चे की
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लहूलुहान मां से चिपटकर बिलखता मिला मासूम
बेटे को मौत के मुंह में झोंकने की नहीं कर पाई लक्ष्मी

ट्रेन के आगे कूदने से पहले बैठा दिया था लाइन किनारे
तीन घंटे तक घायल हालत में रेलवे ट्रैक पर पड़ी रही

अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
ससुराल वालों के तानों से आहत लक्ष्मी खुद तो ट्रेन के आगे कूद गई, लेकिन अपने ढाई साल के बेटे लकी को अपने साथ मौत के मुंह में झोंकने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। ट्रेन के आगे कूदने से पहले उसने लकी को रेलवे पटरी से कुछ दूर बैठा दिया था। पुलिस मौके पर पहुंची तो लकी लहूलुहान हालत में बेहोश पड़ी मां से चिपटकर बिलखता हुआ मिला। गनीमत यह रही कि वह ट्रेन की चपेट में नहीं आया।
रात में करीब साढ़े सात बजे कोतवाली पुलिस को जिला अस्पताल प्रशासन ने सूचना दी थी कि बर्न वार्ड में भर्ती लक्ष्मी अपने बच्चे के साथ गायब हो गई है। इंस्पेक्टर कोतवाली गीतेश कपिल ने भोजीपुरा थाने के एसएचओ राजेश सिंह को इस बाबत बताया। कोतवाली के रिकार्ड में तस्करा डालने के बाद लक्ष्मी की खोजबीन शुरू कराई गई, लेकिन रात में कुछ भी पता नहीं चला। रविवार सुबह करीब सात बजे थाना प्रेमनगर के प्रभारी बलवीर सिंह को कुदेशिया फाटक के पास एक महिला के ट्रेन से कटने की जानकारी दी गई। पुलिस ने उसे मौके से उठाकर अस्पताल भिजवाया। बाद में पता चला कि यह महिला जिला अस्पताल से गायब हुई लक्ष्मी है।
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जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक लक्ष्मी को सोमवार सुबह गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया। उसका एक पैर पूरी तरह कट चुका था, जबकि दूसरा आधे से ज्यादा कटा हुआ था। रेल पटरी पर काफी देर पड़े रहने की वजह अत्यधिक रक्तस्राव भी हो चुका था। डॉक्टरों ने फौरन उसका ऑपरेशन किया। डॉक्टरों का एक पैनल लगातार निगरानी बनाए हुए है। देर रात तक लक्ष्मी की बेहोशी नहीं टूटी थी। ऑपरेशन के बाद उसको इमरजेंसी के बेड नंबर दस पर शिफ्ट किया गया है।
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सुरक्षा इंतजाम का वही बुरा हाल
लक्ष्मी के गायब होने के बाद जिला अस्पताल में सुरक्षा इंतजामों पर एक बार फिर सवाल उठ गए। रविवार को लक्ष्मी के ससुर और देवर ने उसे बर्न वार्ड में घुसकर काफी देर तक धमकाया था, इस दौरान काफी शोरशराबा भी हुआ, लेकिन फिर भी लक्ष्मी की कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। यही नहीं सवाल यह भी है कि जिला अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड और स्टाफ होने के बावजूद पीड़िता वहां से कैसे निकल गई। बता दें कि यह ऐसा कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले एक दुष्कर्म पीड़िता तक अस्पताल से गायब हो चुकी हैं। उधर, लक्ष्मी की बरामदगी और इलाज के बाद भी भोजीपुरा पुलिस नहीं पहुंची। न उसके गायब होने और बरामदगी के बारे में कोई छानबीन की कोशिश की गई।
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