लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर बुधवार को जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत में बहस शुरू हुई। बुधवार को डिस्चार्ज एप्लीकेशन पर सबसे पहले आशीष मिश्र मोनू की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह ने बहस शुरू की। शाम तक बहस पूरी नहीं हो सकी, जिस पर अदालत ने बहस के लिए अगली तारीख 12 जुलाई तय की है।
केस की सुनवाई के दौरान आशीष मिश्र समेत 13 आरोपियों की ऑनलाइन पेशी हुई। एसआईटी की चार्जशीट पर सवालिया निशान लगाते हुए आशीष मिश्र मोनू की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह ने बनवीरपुर में आयोजित दंगल स्थल को केंद्र में लेकर अपनी बहस शुरू की। उन्होंने दावा किया कि पूरे मामले में आशीष मिश्र मोनू के खिलाफ कोई भी सटीक सबूत नहीं हैं। वह लगातार बनवीर पुर दंगल स्थल पर मौजूद रहा। कुछ देर के लिए दंगल स्थल से हटा था। चंद मिनट बाद ही फिर दंगल स्थल पर आ गया। ऐसे में उन्हें गलत ढंग से फंसाया जा रहा है।
अभियोजन की ओर से जो भी सबूत इकट्ठा किए गए उन सबूतों में अधिक से अधिक यह तथ्य निकल के आया एक थार गाड़ी मौके पर थी। यह थार गाड़ी आशीष मिश्र मोनू की बताई गई गई लेकिन एआरटीओ की रिपोर्ट आशीष मिश्र मोनू को थार गाड़ी का मालिक न होने की बात कह रही है। इसके अलावा केस में वादी मुकदमा मौके पर नहीं था। जिन चोटिल गवाहों को स्टार विटनेस के रूप में प्रचारित किया जा रहा है, उनके बयान भी आशीष मिश्र मोनू की मौके पर मौजूदगी का कोई सबूत नहीं दे पा रहे हैं।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के सबूतों और बयानों पर उत्पन्न विरोधाभास को सामने रखा गया। वहीं दिनभर चली सुनवाई के बाद शाम तक बहस पूरी नहीं हो सकी थी। तब अदालत में 12 जुलाई की तारीख मुकर्रर की है। बुधवार की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह के अलावा आरोपी अंकित दास, सत्यम त्रिपाठी, लतीफ काले नंदन सिंह बिष्ट के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़, चंद्र मोहन सिंह, अनिल त्रिवेदी रामाशीष मिश्र मौजूद रहे। वादी की ओर से डीजीसी अरविंद त्रिपाठी और वादी के व्यक्तिगत अधिवक्ता सुरेश सिंह मुन्ना, विनय सिंह और शिव सहाय सिंह मौजूद रहे।
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अब क्या होगी अगली प्रक्रिया
आशीष मिश्र मोनू की ओर से बहस पूरी होने के बाद डीजीसी अरविंद त्रिपाठी और वादी पक्ष के व्यक्तिगत अधिवक्ता सुरेश सिंह मुन्ना, विनय सिंह और शिव सहाय सिंह सहित अभियोजन पक्ष के समर्थन में वकालतनामा लगाने वाले कई अधिवक्ता आशीष मिश्र मोनू की ओर से रखी जा रही दलीलों का जवाब देंगे। इसके बाद यही प्रक्रिया दूसरे अभियुक्त की ओर से डिस्चार्ज एप्लीकेशन देने वाले वकील की बहस पर होगी। अभी अभियुक्त की ओर से बहस सुनने के बाद अभियोजन पक्ष से उन दलीलों के संबंध में जवाब सुना जाएगा। यही प्रक्रिया अदालत में पेश हुई 13 डिस्चार्ज एप्लीकेशन के संबंध में होगी, जिसके बाद ही अदालत आरोप निर्धारित करने के संबंध में कोई आदेश देगी।