बरेली। होमगार्ड के प्लाटून कमांडर ओमेंद्र से मारपीट के मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने बीच का रास्ता निकाल लिया। बृहस्पतिवार सुबह मारपीट के आरोपी वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार के भतीजे प्रेमनगर के गांधीनगर निवासी अमित कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार करके शांतिभंग में चालान करके कोर्ट में पेश किया, जहां से कुछ ही देर में उसे जमानत मिल गई।
शनिवार रात करीब सवा बजे प्रेमनगर थाने में तैनात होमगार्ड के प्लाटून कमांडर ओमेंद्र डेलापीर मंडी गेट के पास चाय पी रहे थे। उसी दौरान कार में बैठे मंत्री डॉ. अरुण कुमार के भतीजे अमित कुमार और उसके साथियों ने उन्हें गाली देकर बुलाया। प्लाटून कमांडर का आरोप है कि वे लोग नशे में थे। उनसे ड्यूटी के बारे में पूछा और अभद्रता कर मारपीट करने लगे। उन्हें आधा घंटे तक जमीन पर गिराकर पीटा और वर्दी भी फाड़ दी।
तहरीर मिलने के साथ ही शुरू हो गई बचाव की कोशिश
इस मामले में ओमेंद्र ने इज्जतनगर थाने में तहरीर दी। इसमें विधायक जी का भतीजा अमित कुमार, दूसरा आरोपी अंकित व एक अज्ञात लिखा था। तहरीर में विधायक का जिक्र आते ही पुलिस इस मामले में लीपापोती करने लगी। पहले तो ओमेंद्र पर दबाव बनाकर विधायक जी का भतीजा और अज्ञात आरोपी का जिक्र तहरीर से हटवाया, तभी रिपोर्ट लिखी, लेकिन अमित को गिरफ्तार नहीं किया। वर्दी फाड़ने की धारा भी रिपोर्ट में नहीं बढ़ाई।
कुछ घंटों में ही हो गई जमानत
जब इस मामले ने तूल पकड़ा तो बुधवार को एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने एफआईआर में वर्दी फाड़ने की धारा बढ़वाने की बात कही। कहा जा रहा है कि धारा बढ़ने के बाद मंत्री के भतीजे की जमानत मुश्किल हो जाती। ऐसे में विधिक राय लेने के बहाने पुलिस ने धारा बढ़ाने का मामला लटकाकर बृहस्पतिवार सुबह अमित को शांतिभंग के आरोप में कोर्ट में पेश कर दिया, जहां से उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया।
होमगार्ड की ड्यूटी प्रेमनगर में थी और घटना इज्जतनगर थाना क्षेत्र में हुई। इस वजह से धारा बढ़ाने के लिए विधिक राय मांगी गई है। अमित कुमार को बृहस्पतिवार सुबह गिरफ्तार करके शांतिभंग में चालान करके कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जमानत मिल गई। - संजय कुमार धीर, इंस्पेक्टर इज्जतनगर