बरेली। डीडीपुरम स्थित चार मंजिला लूथरा टावर में मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे आग लगने से भगदड़ मच गई। बिल्डिंग में धुआं भरने से तीसरी मंजिल पर स्थित रेस्टोरेंट में पार्टी कर रहे करीब दर्जन भर लड़के-लड़कियां वहां फंस गए। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने पानी की बौछार करके शीघ्र ही आग पर काबू पाकर सभी को सकुशल बाहर निकाला।
डीडीपुरम में पानी की टंकी के पास स्थित लूथरा टॉवर में सीढ़ियों के नीचे लगे बिजली के पैनल में आग लग गई। कुछ ही देर में आग विकराल हो गई। आग ने बिजली की वायरिंग और बिल्डिंग के बाहर लगाए गए ग्लोशाइन बोर्ड को चपेट में ले लिया। बाहरी हिस्से में आग की ऊंची लपटें निकलने लगीं। यह देखकर टॉवर के दुकानदारों में भगदड़ मच गई। सूचना पर एफएसओ संजीव यादव दमकल वाहनों के साथ मौके पर पहुंचे और बिजली सप्लाई बंद कराकर आग बुझाने का काम शुरू कराया। तीन दमकल वाहनों की मदद से घंटे भर में आग पर काबू पा लिया गया।
रेस्टोरेंट में भरा धुआं तो जान बचाने को छत से कूदे
आग लगने के समय बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर स्थित रेस्टोरेंट रूफयार्ड कैफे एंड लाउंज में बर्थ डे पार्टी चल रही थी। वहां तक धुआं पहुंचा तो पार्टी कर रहे लोगों में चीखपुकार मच गई। जान को खतरा देखकर पांच-छह लड़के चौथी मंजिल पर पहुंच गए। वहां पड़ी एसी की केबल के सहारे नीचे उतर गए। इससे उनके हाथ जख्मी हो गए।
फायर ब्रिगेड की टीम ने दर्जन भर लोगों को निकाला
बिल्डिंग में धुआं भरने से ऊपर से लोग नीचे की ओर दौड़े लेकिन सीढ़ियों के पास आग ज्यादा होने की वजह से वहां फंस गए। इस पर फायर ब्रिगेड की टीम पानी की बौछार करती हुई बिल्डिंग में घुस गई और वहां फंसे युवक-युवतियों को सकुशल बाहर निकाल लिया। एफएसओ संजीव यादव ने बताया कि बाहर निकाले गए लोगों में इशिका, नीलेश, दानियाल, आफताब, मोहित कुमार, मोहित, आकाश, वंश, अमित आदि शामिल थे।
सैलून संचालक की सूझबूझ से बचा बड़ा हादसा
पास ही गली में हेयर ड्रेसिंग सैलून चलाने वाले सुमित ने वहां आग लगी देखी तो पत्थर मारकर बिल्डिंग के जीने में लगे शीशे तोड़ने की कोशिश की ताकि कुछ लोग बाहर निकल सकें। मगर शीशे नहीं टूटे। इसी बीच उन्होंने देखा कि लूथरा टॉवर में रसोई गैस की आपूर्ति के लिए पीएनजी लाइन भी लगी हुई है और उसके आग की चपेट में आने से बड़ा हादसा हो सकता है। इस पर उन्होंने गैस पाइप लाइन का बॉल्व बंद कर दिया। उन्होंने ही फायर ब्रिगेड और बिजली विभाग को फोन करके सूचना दी। इसके अलावा वहां खड़े वाहन भी उन्होंने ही हटवाए।
बेकार थे आग बुझाने के
इंतजाम, नहीं आए काम
चार मंजिला लूथरा टॉवर में आपात स्थिति में आग पर काबू पाने के लिए सभी इंतजाम किए गए थे। बिल्डिंग में वाटर हाइड्रेंट लगे होने के अलावा जगह-जगह अग्निशमन यंत्र भी लगे हुए थे। मगर किसी को उनका इस्तेमाल करना नहीं आता था। फायर ब्रिगेड की टीम जब वहां पहुंची तो बिल्डिंग के वाटर हाइड्रेंट से भी आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन वह चलता हुआ नहीं मिला। एफएसओ ने बताया कि इस संबंध में भवन मालिक को नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा।
भवन मालिक बोले शॉर्टसर्किट से लगी आग
लूथरा टॉवर के मालिक सुरेंद्र लूथरा ने बताया कि सब कुछ सामान्य चल रहा था। अचानक ही सीढ़ियों के पास लगे बिजली के बोर्ड में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई और उसी से दुकानों के बोर्ड भी चपेट में आ गए। इससे दुकानों के बाहर रखा कुछ सामान जल गया गया है लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है।
बिल्डिंग के कांच टूटने से हो रहे थे धमाके
लूथरा टॉवर के पास ही ट्रेवल एजेंसी संचालित करने वाली सुधाबाला अग्रवाल ने बताया कि आग इतनी विकराल थी कि बिल्डिंग के शीशे टूटकर गिर रहे थे और उससे जोरदार धमाके हो रहे थे। रेस्टोरेंट की छत पर खड़े होकर मदद मांग रहे थे लेकिन आग की वजह से कोई भी आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
कुछ नहीं सूझा बस दुकान बंद करके भागे
आलमगिरीगंज निवासी अमृत कक्कड़ का लूथरा टॉवर के फर्स्ट फ्लोर पर हेयर ड्रेसिंग सैलून है। बताया कि जब आग लगी तो उनकी पत्नी प्रिंसी सैलून में बैठी थीं। उनकी सूचना पर वह भी पहुंच गए। हर ओर अफरा तफरी का माहौल था और लोग दहशत में थे। व्यापारी भी दुकानें बंद करके भाग रहे थे।
लूथरा टॉवर में आग बुझाने के इंतजाम दुरुस्त नहीं पाए गए हैं। भवन मालिक को नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - संजीव यादव, एफएसओ